दिल्ली में हर साल कितने करोड़ की बिजली चोरी? आंकड़े कर देंगे हैरान!

दिल्ली में बिजली चोरी का मामला एक बार फिर चर्चा में है। वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के मुताबिक, बिजली चोरी से वितरण कंपनियों को करीब 383 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और मध्य दिल्ली के कई इलाके इसकी चपेट में हैं।

देश की राजधानी दिल्ली में बिजली चोरी बिजली वितरण कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, बिजली चोरी के कारण कंपनियों को करीब 383 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ। यह जानकारी बिजली वितरण कंपनियों के आंकड़ों के आधार पर सामने आई है। बिजली चोरी में सीधे तार जोड़कर बिजली इस्तेमाल करना, मीटर से छेड़छाड़ करना और बिना अनुमति बिजली कनेक्शन लेना जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इससे बिजली कंपनियों को राजस्व का नुकसान होता है और बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

Electricity Bill

दक्षिण और पश्चिम दिल्ली में सबसे ज्यादा नुकसान

आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण और पश्चिम दिल्ली में बिजली चोरी से करीब 211 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। वहीं, पूर्वी और मध्य दिल्ली में यह नुकसान लगभग 136 करोड़ रुपये रहा। उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में बिजली वितरण करने वाली टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) के क्षेत्रों में करीब 36 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से पता चलता है कि बिजली चोरी की समस्या दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद है, हालांकि नुकसान की मात्रा हर क्षेत्र में अलग-अलग है।

End of Feed