लोन या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले अधिकांश लोगों के मन में यह सवाल अक्सर उठता है कि यदि किसी कारणवश ईएमआई (EMI) की ड्यू डेट मिस हो जाए, तो क्या अगले ही दिन क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) गिर जाता है? इस डर से कई लोग बेहद तनाव में आ जाते हैं। हालांकि, सच्चाई यह है कि ड्यू डेट की अगली ही सुबह आपका सिबिल स्कोर खराब नहीं होता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और क्रेडिट सूचना कंपनियों (जैसे CIBIL, Experian) के नियमों के अनुसार, बैंकों को क्रेडिट स्कोर रिपोर्ट करने की एक तय समय-सीमा और प्रक्रिया होती है।
क्या ड्यू डेट निकलने के अगले ही दिन खराब हो जाता है क्रेडिट स्कोर?
कब बनती है बिलिंग साइकिल?
आमतौर पर, बैंक या वित्तीय संस्थान आपके भुगतान की स्थिति तुरंत क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट नहीं करते हैं। बैंक हर महीने के अंत में या 30 दिनों के चक्र (Billing Cycle) में ग्राहकों का रीपेमेंट डेटा क्रेडिट ब्यूरो के साथ साझा करते हैं। यदि आपकी ईएमआई की तारीख 1 या 2 दिन आगे निकल जाती है, तो इसे आमतौर पर 'तकनीकी देरी' (Technical Delay) या 'ओवरड्यू' के रूप में देखा जाता है। हालांकि, बैंक इस देरी के लिए आपसे लेट फीस या पेनल्टी चार्ज जरूर वसूल सकते हैं, लेकिन इतनी छोटी सी देरी से तुरंत क्रेडिट रिपोर्ट में डिफ़ॉल्ट दर्ज नहीं होता है।
आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बैंकों को 30 दिनों से अधिक की देरी होने पर ही खाते को 'डीपीडी' (Days Past Due) के रूप में रिपोर्ट करना अनिवार्य होता है। जब कोई भुगतान ड्यू डेट से 30 दिन, 60 दिन या 90 दिन से अधिक पेंडिंग रहता है, तब सिबिल स्कोर में तेजी से गिरावट दर्ज की जाती है। यदि भुगतान 90 दिनों से अधिक समय तक न किया जाए, तो बैंक उस लोन को एनपीए (NPA) घोषित कर देते हैं, जिससे आपका क्रेडिट स्कोर 100 से 150 अंक तक गिर सकता है और भविष्य में लोन मिलने की संभावनाएं बेहद कम हो जाती हैं।
ड्यू डेट मिस होने के कितने दिन बाद लगती है पेनल्टी?
अगर किसी महीने किसी आपात स्थिति या खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने के कारण आपकी ईएमआई मिस हो जाती है, तो घबराने की बजाय तुरंत कदम उठाएं। सबसे पहले अपने बैंक से संपर्क करें और जल्द से जल्द बकाया राशि का भुगतान करें। यदि आपने ड्यू डेट के 3 से 5 दिनों के भीतर भुगतान कर दिया है, तो इसका आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, बार-बार 1 या 2 दिन की देरी करना भी आपकी रीपेमेंट हिस्ट्री में एक खराब आदत के रूप में दर्ज हो सकता है, इसलिए इसे नियमित न बनने दें।
अपने क्रेडिट स्कोर को सुरक्षित और मजबूत बनाए रखने के लिए हमेशा auto-debit (ई-मैंडेट) की सुविधा का उपयोग करें और ईएमआई की तारीख से एक दिन पहले बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करें। इसके अलावा, साल में कम से कम एक या दो बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच जरूर करें ताकि किसी भी गलत प्रविष्टि को समय पर सुधारा जा सके। यदि वित्तीय तंगी के कारण आप लंबे समय तक ईएमआई नहीं दे पा रहे हैं, तो बैंक से बात करके लोन रीस्ट्रक्चरिंग या समय बढ़ाने का अनुरोध करना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।
