आज के समय में बहुत से लोगों के पास एक से अधिक बैंक अकाउंट (Multiple Bank Accounts) होते हैं। नौकरी बदलने, अलग-अलग बैंकों की सुविधाओं का लाभ लेने या निवेश और खर्च को अलग रखने के लिए लोग एक से ज्यादा बैंक अकाउंट रखते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या वास्तव में कई बैंक अकाउंट रखना फायदेमंद होता है या फिर इससे फायदे से ज्यादा परेशानियां बढ़ सकती हैं? आइए समझते हैं-
आपके पास कितने बैंक अकाउंट (AI Generated Image)
जानकारों की मानें तो इस सवाल का जवाब आपकी आय, खर्च, वित्तीय लक्ष्य और बैंकिंग जरूरतों पर निर्भर करता है। अगर सही तरीके से प्रबंधन किया जाए तो एक से अधिक बैंक अकाउंट उपयोगी साबित हो सकते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा अकाउंट रखने से अतिरिक्त खर्च और झंझट बढ़ सकती है।
एक से ज्यादा बैंक अकाउंट रखने के फायदे
अगर आप अपनी सैलरी, घरेलू खर्च, बचत और निवेश को अलग-अलग रखना चाहते हैं तो एक से ज्यादा बैंक अकाउंट मददगार हो सकते हैं। उदाहरण के लिए एक अकाउंट में सैलरी आ सकती है, दूसरे में मासिक खर्च का बजट रखा जा सकता है और तीसरे का इस्तेमाल केवल बचत या इमरजेंसी फंड के लिए किया जा सकता है।
इसके अलावा, अलग-अलग बैंक अपने ग्राहकों को विभिन्न सुविधाएं और ऑफर देते हैं। किसी बैंक में बेहतर डिजिटल बैंकिंग हो सकती है, तो किसी में बेहतर FD ब्याज दर या कम चार्जेज मिल सकते हैं। ऐसे में जरूरत के अनुसार अलग-अलग बैंक अकाउंट रखना सुविधाजनक हो सकता है।
कई बैंक अकाउंट रखने के नुकसान
जहां कई बैंक अकाउंट के कुछ फायदे हैं, वहीं इसके नुकसान भी कम नहीं हैं। अधिकांश बचत खातों में न्यूनतम औसत बैलेंस (Minimum Average Balance) बनाए रखना जरूरी होता है। अगर आप ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो बैंक पेनल्टी भी वसूल सकता है। इसके अलावा,कई अकाउंट होने पर पासबुक, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, UPI और अन्य बैंकिंग सेवाओं का प्रबंधन करना भी मुश्किल हो सकता है। कई बार लोग पुराने या कम इस्तेमाल होने वाले अकाउंट भूल जाते हैं, जिससे अनावश्यक चार्ज लगने का खतरा रहता है।
कितने बैंक अकाउंट रखना सही माना जाता है?
वित्तीय विशेषज्ञ मानते हैं कि अधिकांश लोगों के लिए दो से तीन बैंक अकाउंट पर्याप्त हो सकते हैं।
- एक अकाउंट सैलरी या नियमित आय के लिए
- दूसरा दैनिक खर्च और लेन-देन के लिए
- तीसरा बचत, इमरजेंसी फंड या निवेश के लिए
हालांकि यह कोई तय नियम नहीं है। अगर आपकी जरूरत कम है, तो केवल एक अकाउंट भी काफी हो सकता है। वहीं बिजनेस करने वाले या कई स्रोतों से आय प्राप्त करने वाले लोगों को अधिक अकाउंट की आवश्यकता पड़ सकती है।
सही संतुलन बनाना है सबसे जरूरी
एक से अधिक बैंक अकाउंट रखना गलत नहीं है, लेकिन हर अकाउंट का कोई स्पष्ट उद्देश्य होना चाहिए। केवल ऑफर या अस्थायी जरूरत के कारण बहुत सारे अकाउंट खोल लेना लंबे समय में परेशानी का कारण बन सकता है। अगर हर अकाउंट आपकी वित्तीय योजना का हिस्सा है और आप उन्हें आसानी से मैनेज कर सकते हैं, तो कई बैंक अकाउंट रखना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
