HDFC Bank Result: निजी क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता एचडीएफसी बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 29.13 प्रतिशत बढ़कर 12,370.38 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष यानी 2022-23 की पहली तिमाही में बैंक ने 9,579.11 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। पिछली जनवरी-मार्च की तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 12,594.47 करोड़ रुपये रहा था।
एचडीएफसी बैंक
काफी तेजी मिली ग्रोथ
हाल ही में आवासीय वित्त क्षेत्र की अपनी मूल कंपनी एचडीएफसी का खुद में विलय करने वाले एचडीएफसी बैंक ने सोमवार को शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि समीक्षाधीन तिमाही में एकल आधार पर उसका शुद्ध लाभ 30 प्रतिशत बढ़कर 11,952 करोड़ रुपये हो गया। यह बैंक के लाभ में हुई सर्वाधिक तीव्र वृद्धि में से एक है।
ब्याज मार्जिन भी बढ़कर 4.1 प्रतिशत हुआ
कुछ साल पहले भी बैंक का लाभ कई तिमाहियों तक 30 प्रतिशत की दर से बढ़ा था, लेकिन अर्थव्यवस्था के सुस्त पड़ने के बाद यह घटकर 20 प्रतिशत के दायरे में आ गया था। हालांकि, मार्च तिमाही की तुलना में एचडीएफसी बैंक का लाभ घटा है।
आलोच्य तिमाही में बैंक की प्रमुख शुद्ध ब्याज आय 21 प्रतिशत बढ़कर 23,599 करोड़ रुपये हो गई। शुद्ध ब्याज मार्जिन भी बढ़कर 4.1 प्रतिशत हो गया।
अन्य आय 9,230 करोड़ रुपये रही
उसकी अन्य आय 9,230 करोड़ रुपये रही। इसका परिचालन खर्च 33.9 प्रतिशत बढ़कर 14,057 करोड़ रुपये गया। समीक्षाधीन तिमाही यानी 30 जून, 2023 तक बैंक की सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) 1.17 प्रतिशत रहीं। मार्च तिमाही के अंत में यह 1.12 प्रतिशत और एक साल पहले की समान तिमाही में 1.28 प्रतिशत थीं। कर्ज बहीखाते में खुदरा ऋणों की हिस्सेदारी 38 प्रतिशत के साथ 16.29 लाख करोड़ रुपये रही जबकि वाणिज्यिक एवं ग्रामीण बैंकिंग और कॉरपोरेट ऋण की हिस्सेदारी क्रमशः 38 प्रतिशत एवं 24 प्रतिशत रही।
एचडीएफसी बैंक की कुल पूंजी पर्याप्तता जून के अंत में 18.9 प्रतिशत रही जो नियामकीय प्रावधानों से अधिक है।
