Quant Mutual Funds: SEBI की जांच से क्वांट म्यूचुअल फंड (Quant Mutual Funds) को लेकर निवेशक काफी चिंता में हैं। क्वांट म्यूचुअल फंड (Quant MF) पर कथित तौर पर फ्रंट रनिंग (Front Running) का आरोप लगा है, जिसकी जांच सेबी (SEBI) कर रही है।
क्वांट म्यूचुअल फंड।
सेबी ने मुंबई और हैदराबाद में तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की है और क्वांट डीलर्स और उससे जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ भी की है। इस बीच, निवेशकों ने भारी मुनाफावसूली की है। यही वजह है कि निवेशकों के बीच चिंता पैदा हो गई है, जिससे वे सवाल करने लगे हैं कि क्या उन्हें अपने सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को बंद करने पर विचार करना चाहिए या फंड में कोई नया निवेश करने से बचना चाहिए?
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इसी विषय को लेकर ET Now Swadesh के शो में सहयोगी सुगंधा झा ने विस्तार से जानकारी दी है।
वीडियो में देखें Quant Mutual Funds निवेशक क्या करें?
ET Now Swadesh के शो में सुगंधा झा बताया कि क्वांट म्युचुअल फंड ने रिलायंस, अडानी पॉवर, टाटा पावर, सेल, एलआईसी, टीसीएस जैसे प्रमुख शेयरों में निवेश किया है। सेबी की जांच होने तक निवेशकों को अपनी होल्डिंग्स बेचने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
What is front-running: फ्रंट-रनिंग क्या है?
फ्रंट-रनिंग तब होती है जब कोई व्यक्ति, आमतौर पर कोई अंदरूनी सूत्र या ब्रोकर, विशेषाधिकार प्राप्त जानकारी के आधार पर पहले से ही कोई सौदा कर लेता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई ब्रोकर जानता है कि कोई बड़ा क्लाइंट किसी कंपनी के बड़ी संख्या में शेयर खरीदने जा रहा है और वह लेन-देन होने से पहले अपने व्यक्तिगत खाते में कुछ शेयर भी खरीद लेता है, तो यह फ्रंट-रनिंग का मामला है। यह तरीका न केवल अनैतिक है बल्कि अवैध भी है और सेबी के नियमों के तहत ये बैन है।
डिस्क्लेमर : इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें। यहां पर दी गई सलाह ईटी नाउ स्वदेश की रिपोर्ट के आधार पर है और शेयर पर राय ईटी नाउ स्वदेश को मार्केट एक्सपर्ट द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत डॉट कॉम निवेश पर अपनी कोई सलाह नहीं दे रहा है।
