GST सुधारों से कम टैक्स में भी ज्यादा राजस्व बढ़ोतरी संभव, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

रिपोर्ट के अनुसार, जब अर्थव्यवस्था में बहुत सारे छोटे और अनौपचारिक व्यवसाय हैं, तो टैक्स देने की आदत टैक्स रेट से ज्यादा मायने रखती है। हालांकि, भारत का टैक्स-से-जीडीपी अनुपात लगभग 17 प्रतिशत है, लेकिन प्रत्यक्ष करों का दायरा बहुत छोटा है और देश ज्यादा अप्रत्यक्ष करों पर निर्भर है।

जीएसटी 2.0 (वस्तु एवं सेवा कर) के तहत हाल ही में किए गए सुधारों से यह बात साफ हो गई है कि टैक्स को आसान और थोड़ा कम रखने से भी सरकार की कमाई (राजस्व वृद्धि) बढ़ सकती है। इसकी पुष्टि बुधवार को सामने आई एक रिपोर्ट से हुई। थिंक चेंज फोरम की रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्स की दर ज्यादा बढ़ाने की बजाय टैक्स देने वालों की संख्या बढ़ाना ज्यादा फायदेमंद होता है।

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थिंक चेंज फोरम ने सरकार को सुझाव दिया है कि बजट में टैक्स की सबसे ऊंची दर को और न बढ़ाया जाए। (फोटो क्रेडिट-iStock)

रिपोर्ट में बताया गया है कि पहले माना जाता था कि टैक्स जितना ज्यादा होगा, सरकार को उतनी ज्यादा कमाई होगी। लेकिन हाल के आंकड़ों से यह सोच गलत साबित हुई है। अक्टूबर 2025 में जीएसटी संग्रह 1.95 लाख करोड़ रुपए तक बढ़ गया, जो पिछले साल की तुलना में 4.5 प्रतिशत ज्यादा है। यह दिखाता है कि लोग अब ज्यादा ईमानदारी से टैक्स दे रहे हैं।

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