IRCON OFS:केंद्र सरकार रेल उपक्रम इरकॉन में आठ फीसदी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इसके लिए बृहस्पतिवार से ओएफएस के जरिए बिक्री की पेशकश की जाएगी। सरकार इसके जरिए 1,100 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद कर रही है। कंपनी में खुदरा निवेशक शुक्रवार को बोली लगा सकेंगे। रेल इंजीनियरिंग एवं निर्माण कंपनी इरकॉन में सरकार के पास फिलहाल 73.18 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार ने विनिवेश प्रक्रिया के तहत चालू वित्त वर्ष में अभी तक 8859 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
इरकॉन की हिस्सेदारी बेचेगी सरकार
ये है शेयर प्राइस
निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने बताय कि गैर-खुदरा निवेशकों के लिए इरकॉन में बिक्री पेशकश बृहस्पतिवार को खुलेगी। इसमें खुदरा निवेशक शुक्रवार को बोली लगा सकते हैं। सरकार ग्रीनशू विकल्प सहित आठ प्रतिशत इक्विटी का विनिवेश करेगी।सरकार इरकॉन में आठ प्रतिशत हिस्सेदारी यानी 7.53 करोड़ इक्विटी शेयरों को 154 रुपये प्रति शेयर के न्यूनतम मूल्य पर बेचेगी। इस बिक्री पेशकश के पूरी तरह सफल होने पर सरकारी खजाने में लगभग 1,100 करोड़ रुपये आएंगे।रेल इंजीनियरिंग एवं निर्माण कंपनी इरकॉन में सरकार के पास फिलहाल 73.18 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
विनिवेश का लक्ष्य पूरा होना मुश्किल
चालू वित्त वर्ष में सरकार ने अबतक केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों में अल्पांश हिस्सेदारी बेचकर 8,859 करोड़ रुपये जुटाए हैं। वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में सार्वजनिक उद्यमों के विनिवेश से 51,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में इस बात की बेहद कम संभावना है कि सरकार चालू वित्त वर्ष का लक्ष्य पूरा कर पाएगी। क्योंकि अब इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मार्च 2024 तक का ही समय है।
