केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच निर्यातकों को मदद देने के लिए सरकार बीमा समर्थन जैसी नई योजनाएं शुरू करने की संभावना तलाश रही है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Photo: X handle/@PiyushGoyalOffc)
भाषा (पीटीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री गोयल ने संवाददाताओं से कहा कि इस संबंध में निर्यात ऋण गारंटी देने वाली इकाई ईसीजीसी और अन्य विभागों के साथ परामर्श किया जा रहा है। उन्होंने कहा, "हम निर्यातकों की मदद के लिए बीमा समर्थन जैसी कुछ नई योजनाएं विकसित करने पर भी विचार कर रहे हैं... इस बारे में ईसीजीसी और अन्य विभागों से चर्चा की जा रही है।" उन्होंने कहा कि एक अंतर-मंत्रालयी समूह पश्चिम एशिया संकट से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है और निर्यातकों के साथ लगातार संपर्क में है।
निर्यातकों की मदद के उपाय तलाश रही सरकार
केंद्रीय मंत्री गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की ओर से निर्यातकों की मदद के लिए हर संभव उपाय तलाशे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उन निर्यातकों की मदद के उपाय तलाश रही है, जिनका माल भेजा जा चुका है लेकिन मौजूदा हालात के कारण उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
भारत के लिए पश्चिम एशिया का प्रमुख निर्यात बाजार
इस बीच, सीमा-शुल्क विभाग ने पश्चिम एशिया संकट के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने और समुद्री मार्गों में व्यवधान के चलते भारतीय बंदरगाहों पर वापस आने वाले निर्यात माल से निपटने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले और फिर ईरान के जवाबी हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिससे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। इस संकट के कारण समुद्री मालभाड़ा, हवाई परिवहन लागत और बीमा प्रीमियम में भी बढ़ोतरी हुई है। यह संकट भारतीय निर्यातकों के लिए के लिए अहम बना हुआ है क्योंकि भारत के लिए पश्चिम एशिया का प्रमुख निर्यात बाजारों में से एक है।
