1 अप्रैल 2026 से, आयकर नियम 2026 के तहत Form 16 का नाम बदलकर Form 130 कर दिया गया है। हालांकि, समझने की जरूरत है कि नए Form 130 (पहले Form 16) में किए गए बदलाव मुख्य रूप से संरचनात्मक हैं। यानी इसमें फॉर्म का नाम बदला गया है और रिपोर्टिंग फॉर्मेट को अपडेट किया गया है, जबकि टैक्स देनदारी (Tax Liability) की गणना के तरीके में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सैलरीड कर्मचारियों को उनके TDS (Tax Deducted at Source) की जानकारी देने के लिए अभी तक Form 16 दिया जाता था, जो कि अब नए नाम Form 130 के रूप में जारी किया जाएगा। इस आर्टिकल में आपको Form 130 को लेकर ही 5 बड़े बदलाव बता रहे हैं-
Form 16 की जगह अब Form 130 मिलेगा (Photo: iStock)
TDS से जुड़ी स्पष्ट जानकारियां
नए आयकर कानून के अनुरूप, Form 130 को आयकर अधिनियम 2025 (Sections 392/395) के तहत लागू किया गया है, जो पहले इस्तेमाल होने वाले Form 16 की जगह लेगा। यह बदलाव केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे नए टैक्स सिस्टम के ढांचे के अनुसार तैयार किया गया है, ताकि सैलरीड कर्मचारियों की आय और TDS से जुड़ी जानकारी को अधिक व्यवस्थित और डिजिटल रूप में प्रस्तुत किया जा सके।
“Tax Year” शब्द का इस्तेमाल
अब Assessment Year (आकलन वर्ष) की जगह “Tax Year” शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा, जो नए आयकर कानून के ढांचे के अनुरूप है। पहले सिस्टम में Income Earn करने वाला वर्ष (Financial Year) और टैक्स आकलन का वर्ष (Assessment Year) अलग-अलग होते थे, जिससे कई लोगों को भ्रम होता था।
अतिरिक्त जानकारियां
नए Form 130 में ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और कंट्री कोड जैसी अतिरिक्त जानकारियां जोड़ी गई हैं, जिससे टैक्सपेयर्स और नियोक्ता (Employer) दोनों की पहचान अधिक स्पष्ट और सटीक हो सके।
टैक्स डिडक्शन रेट
नए Form 130 में अब TDS की केवल राशि ही नहीं, बल्कि उसकी दर (Rate) बताना भी अनिवार्य किया गया है। पहले जहां केवल कटे हुए टैक्स की कुल रकम दिखाई जाती थी, वहीं अब यह भी स्पष्ट होगा कि किस आय पर कितने प्रतिशत की दर से टैक्स काटा गया है। इससे टैक्स कैलकुलेशन अधिक पारदर्शी और समझने में आसान हो जाएगा।
सिस्टम इंटीग्रेशन
TDS रिपोर्टिंग को अब नए सिस्टम (जैसे TIN 2.0) के साथ जोड़ा गया है, जिससे पुरानी OLTAS प्रणाली की जगह एक आधुनिक और अधिक सक्षम व्यवस्था लागू होगी। इस बदलाव का उद्देश्य टैक्स से जुड़े डेटा को ज्यादा तेज, सटीक और पारदर्शी बनाना है। नए सिस्टम में रियल-टाइम या तेज अपडेट की सुविधा मिलेगी, जिससे टैक्स क्रेडिट, TDS एंट्री और रीकंसिलिएशन की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
हालांकि, Form 130 में यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है, लेकिन हो सकता है कि नियोक्ता तुरंत कर्मचारियों को नया फॉर्म न दे पाएं। नए नियम और फॉर्म को लागू करने में समय लग सकता है, क्योंकि पेरोल सॉफ्टवेयर, TDS रिटर्न सिस्टम और अन्य HR से जुड़े प्रोसेस को नए फॉर्मेट के अनुसार अपडेट करना जरूरी होगा।
