Nifty Target December 2026 : भारतीय शेयर बाजार को लेकर बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) सिक्योरिटीज का रुख अब बदल गया है। करीब दो साल तक भारतीय इक्विटी बाजार पर सतर्क रहने के बाद BofA Securities अब बाजार को लेकर बुलिश हो गया है। ब्रोकरेज ने दिसंबर 2026 तक Nifty के 26,200 तक पहुंचने का अनुमान दिया है। मौजूदा स्तरों के मुकाबले यह करीब 12% की संभावित तेजी का संकेत है। सवाल है कि आखिर BofA को भारतीय बाजार में इतनी तेजी क्यों दिख रही है?
निफ्टी में आ सकती है जोरदार तेजी
दो साल की सावधानी के बाद बदला रुख
BofA ने अगस्त 2024 से भारतीय शेयरों को लेकर सावधानी बरती थी। उस समय ब्रोकरेज ने बाजार के लिए 8 बड़े जोखिम चिन्हित किए थे। अब इनमें से 5 जोखिम या तो सामने आ चुके हैं या काफी हद तक बाजार की कीमतों में शामिल हो चुके हैं। यही वजह है कि BofA ने अपना रुख बदलते हुए भारतीय शेयर बाजार पर सकारात्मक नजरिया अपनाया है।
अक्टूबर तक रहेंगे ये बड़े जोखिम
हालांकि BofA पूरी तरह बेफिक्र नहीं है। उसके मुताबिक अभी तीन प्रमुख जोखिम बाकी हैं, जो बिकवाली की स्थिति (Bear Case) में Nifty को करीब 7% नीचे ले जा सकते हैं। लेकिन, ब्रोकरेज का मानना है कि इन जोखिमों का असर अक्टूबर 2026 तक पीक कर सकता है। इसके बाद नवंबर से बाजार में बेहतर रिकवरी की गुंजाइश बन सकती है।
Crude Oil और रुपये से बड़ी राहत
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल भारतीय बाजार के लिए एक बड़ा खतरा था। BofA ने पहले $100 प्रति बैरल से ऊपर क्रूड को जोखिम माना था। लेकिन उसका कहना है कि पिछले सात महीनों में क्रूड सात बार $100 के स्तर से वापस नीचे आया है। चौथी तिमाही 2026 के लिए BofA का क्रूड ऑयल को लेकर अनुमान $81 प्रति बैरल का है। इसके अलावा रुपये को लेकर भी BofA का रुख सकारात्मक है। ब्रोकरेज के मुताबिक हाल में करीब $136 अरब के इनफ्लो ने रुपये को सपोर्ट दिया है और अब करेंसी में मजबूती का ट्रेंड बना हुआ है।
मानसून और ब्याज दर पर भी नजर
कमजोर मानसून भी पहले BofA की चिंता में शामिल था। अभी रेनफाल डेफिसिट 13% है, जो उसके 15% के अनुमान के करीब है। वहीं, RBI से BofA को उम्मीद है कि दिसंबर 2026 तक ब्याज दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि बाजार इस समय करीब 45 आधार अंक की बढ़ोतरी को प्राइस इन कर रहा है। यानी, अगर वास्तविक रेट हाइक उम्मीद से कम रहती है, तो यह बाजार के लिए सकारात्मक हो सकता है।
तीन जोखिम अभी बाकी
BofA ने प्राइमरी मार्केट (IPO) में भारी फंडरेजिंग अमेरिकी रिजर्व की संभावित 75 आधार अंक की बढ़ोतरी और लंबी अवधि में AI की वजह से नौकरियों पर संकट को प्रमुख जोखिम बताया है। सितंबर से दिसंबर के बीच करीब $30 अरब के IPO भी बाजार पर दबाव डाल सकती है। फिलहाल BofA का संदेश साफ है कि कई पुराने जोखिम पीछे छूट चुके हैं, अक्टूबर तक बाकी दबाव भी पीक कर सकते हैं और उसके बाद भारतीय बाजार में रिकवरी मजबूत हो सकती है। इसी उम्मीद पर ब्रोकरेज ने Nifty के लिए दिसंबर तक 26,200 का टारगेट दिया है।
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