Gold Price Outlook 2025: शुक्रवार को सोने और चांदी में भारी गिरावट देखी गई। राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के दौरान सुरक्षित निवेश माना जाने वाला सोना, अमेरिकी मंदी की आशंकाओं और डोनाल्ड ट्रंप की 'पारस्परिक टैरिफ' (Reciprocal Tariffs) घोषणा के बाद भारत समेत दुनिया भर में इक्विटी में भारी बिकवाली के बावजूद करीब 1 फीसदी गिरा। इस बीच, औद्योगिक उपयोग में यूज होने वाली चांदी में भी बड़ी गिरावट देखी गई। बता दें कि वैश्विक बाजारों में टैरिफ घोषणा के बाद 8 फीसदी तक की गिरावट आई। आगे सोने में और गिरावट का अनुमान है।
सोने में आई गिरावट
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कितनी आई गिरावट
एमसीएक्स पर शुक्रवार को सोने की कीमतें 0.9 प्रतिशत गिरकर 90,000 रुपये के स्तर से नीचे 89,260 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गईं, लेकिन जून 2025 कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए 89,885 रुपये पर आ गईं। एमसीएक्स पर चांदी की कीमतों में 2.67 प्रतिशत की गिरावट आई।
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन पोर्टल के अनुसार शुक्रवार को सोना 91014 रु और चांदी 92910 रु पर बंद हुई। इंटरनेशनल मार्केट में न्यूयॉर्क स्थित कॉमेक्स जून सोना गुरुवार को 1.4% गिरकर एक सप्ताह के निचले स्तर 3,073.5 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। हालांकि, चांदी में आठ प्रतिशत तक की गिरावट आई।
यूएस मार्केट में 5 सालों की सबसे बड़ी गिरावट
दुनिया भर के शेयर बाजारों में भी भारी गिरावट आई और अमेरिकी शेयर बाजारों में प्रतिशत के लिहाज से पाँच साल में सबसे बड़ी दैनिक गिरावट देखी गई। भारत में, बीएसई सेंसेक्स 930.67 अंक गिरकर 75,364.69 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 345.65 अंक गिरकर 22,904.45 पर बंद हुआ। ऐसा ट्रंप टैरिफ की वजह से अमेरिका में मंदी की आशंका को लेकर बढ़ी चिंता के कारण हुआ।
सवाल ये है कि अमेरिकी मंदी की आशंका के बावजूद सोने, चांदी की कीमतों में गिरावट क्यों आई? आइए जानते हैं।
क्या है सोने-चांदी में गिरावट की वजह
जानकारों के अनुसार, शुक्रवार को सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट इसलिए आई क्योंकि ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि कीमती धातुओं को ट्रम्प के "पारस्परिक" टैरिफ से बाहर रखा गया है। यह भी कहा जा रहा है कि बाजारों में पिछले कुछ महीनों में पारस्परिक ट्रेड टैरिफ के प्रभाव के मद्देनजर पहले ही कीमतें बढ़ चुकी हैं, जिससे अब सोने-चांदी में प्रॉफिट बुकिंग हो रही है।
कितनी आ सकती है गिरावट
कुछ जानकारों का अनुमान है कि सोने के दाम और घटेंगे। एक्सपर्ट्स के अनुसार इंटरनेशनल मार्केट में सोना 1,820 डॉलर प्रति औंस तक गिर सकता है, जो कि इसकी मौजूदा कीमत लगभग 3,080 डॉलर प्रति औंस से बिलकुल अलग है। यह लगभग 38% की गिरावट के बराबर होगा।
हालांकि कुछ जानकारों का मानना है कि सोने में गिरावट भू-राजनीतिक स्थिति पर निर्भर करेगी।
