Gold Price Drop : शादी के मौसम की शुरुआत से ठीक पहले सोने के खरीदारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले एक महीने में सोने की कीमतों में करीब 5% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन के मुताबिक 21 अक्टूबर 2026 तक 24 कैरेट सोना 1,44,060 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,31,959 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है। ठीक एक महीने पहले 21 सितंबर 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,53337 रुपये प्रति 10 ग्राम थी जबकि 22 कैरेट की कीमत 140457 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इस तरह कीमतों में 5% से अधिक की कमी आई है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या उपभोक्ताओं को अभी शादी के लिए सोना खरीद लेना चाहिए या और गिरावट का इंतजार करना चाहिए? आइए जानते हैं कि इस पर बाजार एक्सपर्ट्स की क्या राय है।
सोने की खरीदारी का शानदार मौका, अभी खरीदें या करें इंतजार?
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जिन लोगों के घर में शादियां हैं, उनके लिए यह गिरावट खरीदारी का एक बेहतरीन मौका लेकर आई है। मिंट के मुताबिक आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के डायरेक्टर और हेड थॉमस स्टीफन का कहना है कि मौजूदा कीमत का करेक्शन खरीदारी का अच्छा अवसर देता है। धनतेरस और दीपावली के दौरान सोने की मांग में तेजी आती है, इसलिए यह संभावना बेहद कम है कि कीमतें इससे और ज्यादा नीचे जाएंगी। इसके अलावा, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोना खरीदे जाने से भी कीमतों को निचले स्तर पर सपोर्ट मिल रहा है।
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मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी के अनुसार, अक्टूबर और नवंबर के दौरान शादी-ब्याह की मांग तेजी पकड़ती है और यह अगले साल की पहली तिमाही तक बनी रहती है। यह करेक्शन खरीदारों को एक बेहतर एंट्री पॉइंट दे रहा है, हालांकि एक बार में सारा पैसा लगाने के बजाय किस्तों में या टुकड़ों में खरीदारी करना ज्यादा समझदारी होगी। ट्रैक के सह-संस्थापक और सीईओ वेदांत गुप्ता का मानना है कि अगर आपके परिवार में शादी तय है, तो यह गिरावट आपके लिए सुनहरा मौका है। बाजार के बॉटम का समय कोई नहीं बता सकता, लेकिन आप अपनी तय खरीदारी का खर्च जरूर सुरक्षित कर सकते हैं।
खरीदारी से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि उपभोक्ताओं को घरेलू सोने की कीमतों, रुपये और डॉलर के विनिमय दर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों और स्थानीय स्तर पर मिलने वाले ऑफर्स पर पैनी नजर रखनी चाहिए। अगर रुपया मजबूत होता है या वैश्विक स्तर पर यील्ड बढ़ती है, तो भविष्य में कुछ और बेहतर मौके मिल सकते हैं। वहीं, भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने या अमेरिकी नीतियों में बदलाव से कीमतें फिर से ऊपर जा सकती हैं।
अगले दो से तीन महीनों में जिन लोगों को जेवर की जरुरत है, उन्हें बाजार के बिल्कुल निचले स्तर का इंतजार करने में जोखिम नहीं उठाना चाहिए। इसके अलावा, ज्वैलर्स के यहां मेकिंग चार्ज आम तौर पर 8% से 25% तक होता है, इसलिए त्योहारी भीड़ बढ़ने से पहले खरीदारी शुरू कर देना बेहतर रहता है क्योंकि सीजन नजदीक आने पर ज्वैलर्स की डिमांड बढ़ने से मेकिंग चार्ज और उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
धनतेरस से पहले और बाद में कैसे बनाएं रणनीति?
मिंट के मुताबिक वेदांत गुप्ता का सुझाव है कि खरीदार अपनी कुल खरीदारी को दो हिस्सों में बांट सकते हैं। करीब आधा सोना अभी खरीद लिया जाए और बाकी हिस्सा धनतेरस या उसके तुरंत बाद के लिए रखा जाए। अगर इस बीच कीमतें गिरती हैं, तो दूसरी बार की खरीदारी पर कम रेट का फायदा मिलेगा और अगर कीमतें बढ़ती हैं, तो पहली खरीदारी पहले ही सस्ते दाम पर लॉक हो चुकी होगी। 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दिवाली के बाद 20 नवंबर से देवउठनी एकादशी के साथ शादी के मुहूर्त शुरू हो रहे हैं, जिसके बाद दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ सकती है।
दिवाली के आसपास सोने का रुख कैसा रहेगा?
थॉमस स्टीफन का अनुमान है कि अगले 2 से 3 महीनों तक सोने की कीमतें सीमित दायरे में बनी रहेंगी। उन्होंने 1.44 लाख रुपये से 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर सपोर्ट और 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर रेजिस्टेंस (रुकावट) का अनुमान जताया है। प्री-दिवाली के दौरान यह रेजिस्टेंस 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रह सकता है। यानी कीमतें इसी दायरे में उतार-चढ़ाव दिखा सकती हैं।
दूसरी ओर, वेदांत गुप्ता का मानना है कि दिवाली के बाद से दिसंबर के मध्य तक बाजार में तेजी का रुख देखने को मिल सकता है। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सभी प्रकार के सोने में एक जैसा रुख रहता है, इसलिए अलग-अलग सोचने की जरुरत नहीं है। शादी और त्योहारी मांग, कमजोर रुपया, मध्य पूर्व में तनाव और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जैसे कारक कीमतों को ऊपर धकेल सकते हैं, जबकि मजबूत डॉलर या अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से कीमतों पर लगाम भी लग सकती है।
