Gold and silver jewellery: कोरोना वायरस महामारी की वजह से पिछले दो साल देश में त्योहार अच्छे से नहीं मनाए गए। लेकिन इस साल लोग धूमधाम से त्योहारों की तैयारियां कर रहे हैं। 13 अक्टूबर को देश में करवा चौथ भी बेहद खुशी से मनाया गया। इस अवसर पर पिछले साल की तुलना में इस साल करवा चौथ (Karwa Chauth) पर सोने और चांदी (Gold and Silver) के गहनों की जोरदार बिक्री हुई। व्यापारियों के निकाय कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) और ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) ने गुरुवार को कहा कि इस साल ज्वैलरी की बिक्री लगभग 36 फीसदी बढ़ी है।
करवा चौथ पर बिके करोड़ों के सोने के गहने, आंकड़ा जान आप भी रह जाएंगे दंग
एक संयुक्त बयान में, व्यापारियों और रिटेल विक्रेताओं के दो प्रतिनिधि निकायों ने कहा कि गुरुवार को देश भर में सोने और चांदी के आभूषणों की लगभग 3,000 करोड़ रुपये की बिक्री हुई। एक साल पहले यह आंकड़ा लगभग 2,200 करोड़ रुपये था।
देश भर के सोने-चांदी के कारोबारियों के लिए अक्टूबर और नवंबर का महीना बहुत अच्छा होता है। करवा चौथ के बाद देश में पुष्य नक्षत्र, धनतेरस (Dhanteras), लक्ष्मी पूजन (Laxmi Pujan), दीपावली (Diwali), भैया दूज (Bhaiya Dooj), छठ पूजा (Chhath Puja) और तुलसी विवाह सहित अन्य त्योहार बहुत धूमधाम से मनाए जाते हैं। ऐसे में देश में गोल्ड और सिल्वर की डिमांड भी बढ़ जाती है।
जून में बढ़ा था गोल्ड पर आयात शुल्क
उल्लेखनीय है कि इस साल जून में सरकार ने सोने पर आयात शुल्क को 7.5 फीसदी से 5 फीसदी बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया था। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के अनुसार सरकार के इस कदम से वित्तीय वर्ष में सोने के आभूषण के रिटेल विक्रेताओं के लिए फ्लैट राजस्व वृद्धि होगी। नतीजतन, विक्रेताओं को इस बढ़ातरी का भार ग्राहकों को ट्रांसफर करना होगा।
