सोने और चांदी में गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। शेयर बाजार के साथ सोना और चांदी की कीमत लगातार कम हो रही है। हालांकि, यह आम लोगों के लिए अच्छी खबर है। वो अपनी जरूरत के ज्वैलरी कम पैसे में खरीद पाएंगे। लेकिन, यह ट्रेंड पहली बार देखने को मिल रहा है कि शेयर बाजार और सोने-चांदी साथ-साथ गिर रहे हैं। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है और अभी कितना सस्ता हो सकता है सोना और चांदी? हमने केडिया कमोडिटी के संस्थापक और निदेशक, अजय केडिया इस बारे में बात की है। उन्होंने कहा कि हिंदू नववर्ष गुड न्यूज लेकर आया है। सोने और चांदी में यह गिरावट अभी थमने वाली नहीं है। आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमत और गिरेंगी। उन्होंने जो टारगेट दिया, वो आपको जरूत खुश कर देंगे। आइए जानते हैं कि कहां तक दोनों कीमती धातु की कीमत गिरकर आ सकती है।
सोना खरीदना हुआ सस्ता
चांदी में ₹23000 की गिरावट, सोना भी ₹8000 सस्ता हुआ
MCX पर सोने और चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। आपको बता दें कि 12.30 तक चांदी में करीब 23000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई। बता दें कि चांदी बुधवार को 248,194 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। आज यह टूटकर 225,857 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।। अगर सोने की बात करें तो कल सोना 153,025 रुपये प्रति 10 ग्राम बंद हुआ था। आज यह टूटकर 144,279 रुपये टूटकर प्रति ग्राम तक गया। इस तरह इसमें 8000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
कहां तक टूटेगा सोना और चांदी?
अजय केडिया के अनुसार, अगर ईरान युद्ध नहीं थमता है तो भारतीय बाजार में चांदी की कीमत 2 लाख 20 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक जल्द आ सकती है। वहीं, सोने की बात करें तो यह टूटकर 1 लाख 30 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। यह भाव इस महीने के अंत या अप्रैल की शुरुआत तक हो सकता है। अगर रुपये के मूल्य में सुधार आता है तो सोने और चांदी की कीमत भारतीय मार्केट में और कम हो सकती है। यह लाखों लोगों के लिए गुड न्यूज। उन्होंने कहा कि हिंदू नववर्ष की शुरुआत में सोना और चांदी सस्ता हुआ है। ऐसे में मेरा मनना है कि इस पूरे साल सोने और चांदी में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
आज क्यों सोने और चांदी में बड़ी गिरावट?
अमेरिकी फेड चीफ जेरोम पॉवेल का यह बयान कि वे अपने पद पर बने रहेंगे और इस्तीफा नहीं देंगे, सोने और चांदी की कीमतों में आई आज की बड़ी गिरावट का सबसे प्रमुख 'ट्रिगर' है। पॉवेल ने साफ कर दिया है कि वे महंगाई से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि युद्ध के कारण बढ़ी महंगाई को रोकने के लिए वे ब्याज दरों में कटौती को और टाल सकते हैं। सोना एक ऐसी संपत्ति है जिस पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए ऊंची ब्याज दरें सोने के लिए 'दुश्मन' साबित होती हैं। इससे सोने और चांदी की कीमत आज एकदम से धड़ाम हो गई है। इसके अलावा दुबई पर ईरान के हमले से फाइनेंशियल मार्केट में अस्थिरता पैदा हो गई है। प्रॉपर्टी की कीमत में 25 से 30 प्रतिशत की गिरावट आ गई है। इक्विटी में भी बिकवाली हो रही है। सोना भी बेचा जा रहा है। इससे भी कीमत कम हो रही है।
