George Soros Will Hand Over Business To Son: इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर भारत की बुराई करने वाले अरबपति फाइनेंसर जॉर्ज सोरोस (George Soros) ने अपने बिजनेस साम्राज्य को लेकर एक अहम फैसला किया है। सोरोस अपने विशाल बिजनेस साम्राज्य का कंट्रोल अपने बेटे एलेक्जेंडर सोरोस (Alexander Soros) को सौंपने जा रहे हैं। सोरोस एक हेज फंड मैनेजर से प्रमुख दान करने वाले लोगों तक में शामिल रहे हैं।
जॉर्ज सोरोस का बिजनेस साम्राज्य को लेकर अहम फैसला
92 वर्षीय सोरोस ने कहा कि वह पहले नहीं चाहते थे कि उनकी ओपन सोसाइटी फाउंडेशन (OSF) का कंट्रोल उनके पांच बच्चों में से किसी को दी जाए। मगर अब उन्होंने अपना फैसला बदल लिया है।
बेटे को क्यों सौंप रहे बिजनेस
वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपे सोरोस के इंटरव्यू के मुताबिक उन्होंने 25 अरब डॉलर (2 लाख करोड़ रु से अधिक) के अपने बिजनेस साम्राज्य और फाउंडेशन को 37 वर्षीय बेटे एलेक्जेंडर को सौंपने पर कहा कि उन्होंने इसे कमाया है। यानी उनके बेटे इसके लायक हैं।
भारत को लेकर क्या कहा था
इसी साल मार्च में जॉर्ज सोरोस ने जर्मनी में एक कार्यक्रम में कहा था कि भारतीय टाइकून गौतम अडानी के बिजनेस एम्पायर के विवाद से पीएम मोदी की सरकार पर पकड़ खराब हो सकती है और ये उन्हें रिफॉर्म्स को बढ़ावा देने के लिए प्लेटफॉर्म प्रोवाइड कर सकता है। उन्होंने कहा था कि मैं 'मूर्ख' हो सकता हूं, लेकिन मुझे लगता है कि भारत में लोकतंत्र फिर से पनपेगा।
इसके जवाब में भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने सोरोस को एक "खतरनाक" व्यक्ति कहा था, जो "डराने वाला" है।
सोरोस के बेटे हैं ज्यादा पॉलिटिकल
वॉल स्ट्रीट जर्नल को सोरोस के बेटे एलेक्जेंडर ने भी इंटरव्यू दिया था, जिसमें उन्होंने खुद को अपने पिता की तुलना में "अधिक पॉलिटिकल" बताया था। बता दें कि OSF के बोर्ड ने दिसंबर में एलेक्जेंडर को अपना चेयरमैन चुना और एलेक्जेंडर अब सोरोस की पॉलिटिकल एक्शन कमिटी के रूप में पॉलिटिकल एक्टिविटी को डायरेक्ट करते हैं।
