Foreign Investment: भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) में विदेशी निवेशकों को सरकारी हरित बॉन्ड में निवेश की अनुमति देने के लिए योजना शुरू की। इस पहल का मकसद विदेशी निवेशकों की भागीदारी को बढ़ावा देना है। सरकार ने जनवरी, 2023 में सरकारी हरित बॉन्ड (SGRB) जारी किए थे। वित्त वर्ष 2023-24 में भी सरकारी उधारी कैलेंडर के तहत SGRB जारी किए गए थे।
आरबीआई ने लाई विदेशी निवेशकों के लिए स्कीम
फिलहाल बाजार नियामक सेबी के साथ पंजीकृत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश के लिए उपलब्ध विभिन्न मार्गों के तहत सरकारी हरित बॉन्ड में निवेश करने की अनुमति है। अप्रैल की शुरुआत में रिजर्व बैंक ने SGRB में अनिवासी भागीदारी को सुविधाजनक बनाने के लिए भारत में IFSC में हरित बॉन्ड के कारोबार और निपटान की योजना लाने की घोषणा की थी।
आरबीआई ने बृहस्पतिवार को जारी एक परिपत्र में कहा कि IFSC में पात्र विदेशी निवेशकों को ऐसे बॉन्ड में निवेश करने की अनुमति दी जा रही है। परिपत्र के मुताबिक, "यह योजना भारत में IFSC में पात्र निवेशकों द्वारा भारत सरकार द्वारा जारी सरकारी हरित बॉन्ड में निवेश पर लागू होगी।
निवेशक रिजर्व बैंक की प्रतिभूतियों की प्राथमिक नीलामी में भाग ले सकते हैं और IFSC में प्रतिभूतियों के लिए शेयर बाजार में लेनदेन कर सकते हैं। हालांकि IFSC में सक्रिय बैंकिंग इकाई (आईबीयू) को इस योजना के तहत प्राथमिक नीलामी में भाग लेने की अनुमति नहीं है, लेकिन वे द्वितीयक बाजार में लेनदेन कर सकते हैं। IFSC द्वारा निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप निवेशकों का केवाईसी सत्यापन या समुचित पड़ताल की जाएगी।
