विदेशी निवेशकों ने मार्च में अबतक स्टॉक मार्केट से ₹88,180 करोड़ निकाले, जानें आगे क्या करेंगे?

ईरान संकट के कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कमजोर होते रुपये और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का भारत की वृद्धि और कंपनियों की कमाई पर असर पड़ने की आशंका से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं।

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध खत्म होने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसके चलते दुनिया भर के शेयर बाजार में बड़ी गिरावट है। भारतीय शेयर बाजार भी लगातार टूट रहा है। ईरान संकट के कारण कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हुई है। इसका असर भारतीय रुपये पर हुआ है। भारतीय रुपये में बड़ी गिरावट आई है। रुपया टूटकर 94 के पार पहुंच गया है। इसका सबसे अधिक असर विदेशी निवेशकों पर हुआ है। वे बाजार से अपना पैसा लगातार निकाल रहे हैं। डेटा के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने मार्च में अबतक भारतीय शेयर बाजार से 88,180 करोड़ रुपये (लगभग 9.6 अरब डॉलर) निकाले हैं।

FPI

विदेशी निवेशक

एक लाख करोड़ से अधिक निकाल चुके

एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई की यह निकासी फरवरी में उनके द्वारा की गई खरीदारी के बाद देखने को मिली है। फरवरी में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो 17 महीनों का सबसे ऊंचा आंकड़ा था। हालिया निकासी के साथ 2026 में अबतक एफपीआई भारतीय शेयर बाजार से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निकाल चुके हैं। मार्च में (20 मार्च तक), एफपीआई हर कारोबारी सत्र में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने इस दौरान 88,180 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। हालांकि, यह निकासी अक्टूबर, 2024 की 94,017 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड निकासी से कम है।

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