Fixed Deposit Investment Guide: फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को सुरक्षित निवेश का एक भरोसेमंद विकल्प माना जाता है। यह निवेश उन लोगों के लिए खासतौर पर एक अच्छा विकल्प है, जो बिना जोखिम के निश्चित रिटर्न चाहते हैं। हालांकि, FD अन्य निवेश विकल्पों की तुलना में सरल जरूर है, लेकिन इसमें निवेश करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों को समझना बेहद जरूरी है, ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे और आपको बेहतर रिटर्न मिल सके। इस आर्टिकल में आपको एफडी में निवेश करने से पहले ध्यान रखी जाने वाली इन्हीं जरूरी बातों की जानकारी दे रहे हैं-
FD इंवेस्टमेंट गाइड (Photo: iStock)
ब्याज दर
FD की ब्याज दर निवेशक की उम्र और अवधि पर निर्भर करती है। सीनियर सिटीजन्स को आमतौर पर ज्यादा ब्याज मिलता है। लंबी अवधि के FD में आमतौर पर बेहतर रिटर्न मिलता है, इसलिए अलग-अलग बैंकों के रेट्स की तुलना जरूर करें।
निवेश अवधि
FD का सही टेन्योर चुनना बेहद जरूरी है। लंबी अवधि में रिटर्न ज्यादा मिलता है, लेकिन पैसा लॉक हो जाता है। इसलिए अलग-अलग अवधि के FD बनाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, जिससे जरूरत पड़ने पर पैसे उपलब्ध रहें।
मैच्योरिटी डेट
FD खोलते समय उसकी मैच्योरिटी डेट पर ध्यान देना जरूरी है, खासकर अगर आप किसी विशेष उद्देश्य के लिए निवेश कर रहे हैं। इससे आपको समय पर फंड मिल सकेगा।
न्यूनतम निवेश राशि
अधिकांश बैंक 10,000 से FD शुरू करने की सुविधा देते हैं, जबकि नाबालिग के लिए यह राशि और कम हो सकती है। इसलिए निवेश से पहले न्यूनतम राशि की जानकारी जरूर लें।
ऑटो रिन्यूअल सर्विस
कई बैंक FD पर ऑटो रिन्यूअल की सुविधा देते हैं, जिसमें मैच्योरिटी के बाद आपका पैसा स्वतः नई FD में निवेश हो जाता है। यह सुविधा सुविधाजनक है, लेकिन इसे समझकर ही चुनें।
प्रीमैच्योर विड्रॉल पेनल्टी
अगर आप FD को समय से पहले तोड़ते हैं, तो बैंक पेनल्टी चार्ज करता है। इसलिए निवेश से पहले इस पेनल्टी के नियम को समझना बेहद जरूरी है।
ब्याज भुगतान विकल्प
आप अपनी जरूरत के अनुसार मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना ब्याज भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं। यह आपके कैश फ्लो को मैनेज करने में मदद करता है।
नॉमिनेशन सुविधा
FD खोलते समय नॉमिनी को चुनना बेहद जरूरी होता है। किसी अनहोनी की स्थिति में नॉमिनी को ही निवेश की राशि मिलती है।
TDS (टैक्स) नियम
अगर आपकी सालाना ब्याज आय तय सीमा से ज्यादा हो तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाले ब्याज पर बैंक TDS (टैक्स) काटते हैं । अगर आपने PAN नंबर दिया है तो TDS की दर 10% होती है और अगर PAN नहीं दिया तो यह 20% तक हो सकती है। हालांकि, अगर आपकी कुल आय टैक्सेबल लिमिट से कम है, तो आप Form 15G/15H जमा कर TDS कटने से बच सकते हैं या बाद में आईटीआर भरते समय रिफंड क्लेम कर सकते हैं।
