GDP Estimates FY25: ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की साख को स्थिर आउटलुक के साथ 'बीबीबी-' पर बरकरार रखा। इस तरह भारत की रेटिंग सबसे कम निवेश स्तर 'बीबीबी-' पर बनी हुई है। यह अगस्त, 2006 के बाद की सबसे कम निवेश रेटिंग है। फिट रेटिंग्स ने एक बयान में कहा कि रेटिंग एजेंसी ने भारत की लॉन्ग टर्म फॉरेन करेंसी इश्यूअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) को स्टेबल आउटलुक के साथ 'बीबीबी-' पर बरकरार रखा है।
फिच ने भारत की रेटिंग बरकरार रखी BBB-
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सरकारी कर्ज में मामूली गिरावट की उम्मीद
बयान के मुताबिक, भारत की रेटिंग को इसके मध्यम अवधि के मजबूत ग्रोथ आउटलुक से सपोर्ट हासिल है। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के हिस्से के साथ इसकी मजबूत एक्सटर्नल फाइनेंस स्थिति और इसके कर्ज प्रोफाइल के संरचनात्मक पहलुओं में सुधार को आगे बढ़ाएगा।
फिच ने कहा कि हाल ही में राजकोषीय घाटे के लक्ष्यों की प्राप्ति, पारदर्शिता में बढ़ोतरी और राजस्व में उछाल से राजकोषीय विश्वसनीयता बढ़ी है। इससे इस बात की संभावना बढ़ी है कि मध्यम अवधि में भारत के सरकारी कर्ज में मामूली गिरावट आ सकती है।
वित्त वर्ष 2024-25 में 7.2 प्रतिशत विकास दर का अनुमान
इसके बावजूद राजकोषीय आंकड़े भारत के डेब्ट आउटलुक की कमजोरी बने हुए हैं। घाटा, कर्ज और डेब्ट सर्विस बोझ 'बीबीबी' कैटेगरी के अन्य देशों की तुलना में अधिक हैं। शासन संकेतक और प्रति व्यक्ति जीडीपी में कमी भी रेटिंग पर असर डालती है।
फिच रेटिंग्स ने भारत के वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ने वाले देशों में से एक बने रहने की उम्मीदों के बीच कहा, "हम वित्त वर्ष 2024-25 में 7.2 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष में 6.5 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाते हैं, जो वित्त वर्ष 2023-24 के 8.2 प्रतिशत से थोड़ा कम है।" (इनपुट - भाषा)
