EPFO Pension Hike: प्राइवेट नौकरी करने वाले लाखों कर्मचारियों और रिटायर्ड पेंशनभोगियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़ी एक अहम खबर है।
प्राइवेज कर्मचारियों की बढ़ सकती है पेंशन
EPS के तहत मिलने वाली न्यूनतम मासिक पेंशन बढ़ाने का मुद्दा 19 नवंबर 2026 को होने वाली EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में उठ सकता है।
कब होगी बोर्ड की बैठक?
EPFO का सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज संगठन की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। बोर्ड की 240वीं बैठक 19 नवंबर को गुजरात के गिर में होने की संभावना है। बैठक का एजेंडा अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है।
हालांकि, कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बोर्ड के सदस्यों ने EPS के तहत मिल रही ₹1,000 की न्यूनतम पेंशन की समीक्षा की जरूरत पर जोर दिया है। बैठक में इस मुद्दे को उठाया जा सकता है।
अगर पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव पर आगे चर्चा होती है, तो यह उन प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण होगा, जो EPFO की पेंशन योजना के दायरे में आते हैं।
कितनी हो सकती है न्यूनतम पेंशन?
EPS पेंशनभोगी संगठन लंबे समय से न्यूनतम मासिक पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 करने और उसके साथ महंगाई भत्ता (DA) देने की मांग कर रहे हैं।
उनका कहना है कि मौजूदा महंगाई में ₹1,000 महीने की रकम से बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए जरूरी खर्च पूरे करना मुश्किल है। इसलिए न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी की जरूरत है।
पेंशन बढ़ाने पर क्या है सरकार का रुख?
न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग पर सरकार ने अपना रुख लोकसभा में साफ किया है। 10 अगस्त, 2026 को लोकसभा में दिए गए जवाब में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया था कि सरकार EPS के तहत पेंशनभोगियों को न्यूनतम ₹1,000 मासिक पेंशन देने के लिए बजटीय सहायता उपलब्ध करा रही है।
हालांकि, उस जवाब में ₹7,500 पेंशन लागू करने का कोई फैसला घोषित नहीं किया गया था। सरकार ने पेंशन फंड की वित्तीय स्थिरता और भविष्य की देनदारियों को भी अहम बताया था।
पेंशन बढ़ी तो कितने लोगों को होगा फायदा?
31 मार्च, 2026 तक EPS के तहत 85,84,604 पेंशनभोगी मासिक पेंशन प्राप्त कर रहे थे। अगर भविष्य में न्यूनतम पेंशन बढ़ाने का फैसला होता है, तो पात्र पेंशनभोगियों को इसका फायदा मिल सकता है।
