EPF Vs PPF Vs NPS Vs SIP: भारत में एक बड़ा वर्ग नौकरी करता है। वह अपनी मंथली इनकम से पैसे बचाकर किसी न किसी निवेश माध्यम में निवेश करता है, जिससे उसके और उसके परिवार का भविष्य सुरक्षित बने। अब सवाल होता है कि कहां निवेशक करना फायदेमंद और रिटर्न के लिहाज से सबसे बेहतर होगा? आज हम आपको चार पॉपलुर निवेश माध्यम एम्प्लॉईज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPF), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल पेंशन सिस्टम ट्रस्ट (NPS) और सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के बारे में बता रहे हैं। आप अपनी सैलरी, टैक्स से जुड़े लक्ष्यों और रिटायरमेंट की प्लानिंग के आधार पर, इन विकल्पों में से किसी को भी चुन सकते हैं। इन सभी की अपनी-अपनी खासियतें और उपयोगिताएं हैं। अब सवाल उठता है कि इन चारों में कौन है बेस्ट और किसे कहां निवेश करना चाहिए? अगर आप भी इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं तो चलिए हम आपको देते हैं।
निवेश के टिप्स
PPF किसके लिए बेस्ट?
PPF उन रूढ़िवादी निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो लंबे समय के लिए टैक्स-फ्री बचत करना चाहते हैं। इसमें आसानी से कम रकम निवेश की सुविधा मिलती है और यह वर्तमान में 7.1% की ब्याज दर पर गारंटीड रिटर्न देता है।
- सालाना निवेश: 1,50,000 रुपये
- समय अवधि (सालों में): 30
- ब्याज दर: 7.10%
- निवेश की गई रकम: 45 लाख रुपये
- कमाई गई ब्याज: 1.09 करोड़ रुपये
- मैच्योरिटी वैल्यू: 1.54 करोड़ रुपये
रिटायरेमेंट के लिए बेस्ट NPS?
वहीं, NPS में इक्विटी और डेट, दोनों का मिश्रण होता है, जिससे यह रिटायरमेंट के लिए एक बड़ा फंड बनाने के इच्छुक लोगों के लिए आकर्षक बन जाता है। इसके अलावा, पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत इसमें अतिरिक्त टैक्स कटौती का लाभ भी मिलता है।
- निवेश पर अपेक्षित रिटर्न: 10%
- वर्तमान आयु: 30 वर्ष
- सेवानिवृत्ति की आयु: 60 वर्ष
- एन्युइटी खरीद का प्रतिशत: 40%
- एन्युइटी से अपेक्षित रिटर्न: 8%
- पेंशन संपत्ति: ₹2,84,91,567
- निवेश की राशि: ₹45,00,000
- एकमुश्त निकाली गई राशि: ₹1,70,94,940
- एन्युइटी का मूल्य: ₹1,13,96,627
- मासिक पेंशन की राशि: ₹56,000
EPF किसके लिए बेस्ट?
EPF भारतीय कर्मचारियों के लिए एक अनिवार्य रिटायरमेंट बचत योजना है। इसका प्रबंधन EPFO द्वारा किया जाता है और इसमें कर्मचारी और एम्प्लॉयर दोनों की ओर से 12% का योगदान शामिल होता है, जो कर्मचारी की मासिक बेसिक सैलरी पर आधारित होता है। अभी, यह 8.25% का रिटर्न देता है और कुछ साल की सर्विस पूरी करने के बाद यह टैक्स-फ्री हो जाता है। इस योजना की एक स्मार्ट खासियत यह है कि यह कर्मचारियों को अपना योगदान बढ़ाने की भी सुविधा देती है। यह Voluntary Provident Fund (VPF) के ज़रिए किया जा सकता है, जो एक वैकल्पिक बचत योजना है। यह कर्मचारियों को अपने EPF में अनिवार्य 12% से ज़्यादा योगदान करने की अनुमति देता है।
- मासिक बेसिक सैलरी: 50,000 रुपये
- उम्र: 30 साल
- सालाना सैलरी में बढ़ोतरी: 5%
- रिटर्न: 8.25%
- 60 साल की उम्र में अनुमानित कॉर्पस वैल्यू: 2.6 करोड़ रुपये
SIP किसके लिए बेस्ट?
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) वैसे निवेशकों के लिए बेस्ट हैं जो लंबी अवधि में मार्केट-लिंक्ड (बाजार आधारित) तगड़ा रिटर्न कमाना चाहते हैं और जिनमें थोड़ा जोखिम लेने की क्षमता है। यह म्यूचुअल फंड में हर महीने एक निश्चित रकम निवेश करने का सबसे अनुशासित तरीका है। इसके अलावा, SIP बेहद लचीला है। आप जब चाहें अपनी निवेश राशि बढ़ा सकते हैं, घटा सकते हैं या इसे रोक सकते हैं।
- मासिक निवेश: ₹12,500
- समय अवधि (सालों में): 30
- सालाना अपेक्षित रिटर्न: 12%
- कुल निवेश की गई रकम: ₹45,00,000
- कुल अनुमानित रिटर्न: ₹4,21,24,013
- अनुमानित मैच्योरिटी राशि: लगभग 4.66 करोड़ रुपये
