H-1B Visa: एलन मस्क को एच-1बी वीजा कार्यक्रम को बचाने के लिए नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन मिला है। एक दिन पहले ही अरबपति कारोबारी ने कुशल विदेशी पेशेवरों को अमेरिका लाने को इस कार्यक्रम की रक्षा करने के लिए युद्ध तक करने की कसम खाई थी। ट्रंप ने अपने सरकारी दक्षता मंत्रालय का नेतृत्व करने के लिए मस्क को भारतीय-अमेरिकी प्रौद्योगिकी उद्यमी विवेक रामास्वामी के साथ चुना है। मस्क ने पिछले हफ्ते तर्क दिया था कि उनकी स्पेसएक्स और टेस्ला जैसी प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए विदेशी पेशेवरों की जरूरत है।
H-1B Visa बचाने के लिए युद्ध तक लड़ने को तैयार Elon Musk
ट्रंप से मिला समर्थन
मस्क ने शुक्रवार को इस बारे में ‘एक्स’ पर एक उपयोगकर्ता को फटकार लगाई, जिसने वीजा कार्यक्रम पर उनके रुख पर हमला करने के लिए उनके ही एक वीडियो का इस्तेमाल किया था। मस्क ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मैं एच1बी कार्यक्रम के कारण ही स्पेसएक्स, टेस्ला और अमेरिका को मजबूत बनाने वाली सैकड़ों अन्य कंपनियों का निर्माण करने वाले कई महत्वपूर्ण लोगों के साथ अमेरिका में हूं।’’ इसके बाद शनिवार को ट्रंप ने मस्क का पक्ष लेते हुए कहा कि वह अपने कुछ समर्थकों के विरोध किए जाने वाले कार्यक्रम का पूरी तरह से समर्थन करते हैं।
क्या है H-1B वीजा
उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट अखबार से कहा, ‘‘मुझे हमेशा से वीजा पसंद रहे हैं, मैं हमेशा से वीजा के पक्ष में रहा हूं। इसलिए हमारे पास ये हैं।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘मैं एच-1बी वीजा में विश्वास करता रहा हूं। मैंने कई बार इसका इस्तेमाल किया है। यह एक शानदार कार्यक्रम है।’’ एच-1बी वीजा एक गैर-प्रवासी वीजा है, जिसके तहत अमेरिकी कंपनियों को ऐसे विशेष व्यवसायों में विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति मिलती है, जिनमें व्यावसायिक या प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता की जरूरत होती है।
