ED, CBI, NIA की टीम जा रही है ब्रिटेन, भगौड़े विजय माल्या-नीरव मोदी-संजय भंडारी को भारत लाने की तैयारी

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Jan 16, 2024, 12:50 PM IST

Fugitives Extradition: भारत से हजारों करोड़ रुपए लेकर भागने वाले रक्षा डीलर संजय भंडारी, हीरा व्यापारी नीरव मोदी और किंगफिशर एयरलाइंस के प्रमोटर विजय माल्या को भारत लाने के लिए ईडी, सीबीआई, एनआईए की ब्रिटने जा रही है।

Fugitives Extradition: भारत सरकार देश से हजारों करोड़ लेकर भागने वालों को देश लाने में जुट गई है। सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी(NIA) की हाई लेवल टीम जल्द ही ब्रिटेन के लिए रवाना हो रही है। भारत के सर्वाधिक वांछित भगोड़े किंगफिशर एयरलाइंस के प्रमोटर विजय माल्या, हीरा व्यापारी नीरव मोदी, रक्षा डीलर संजय भंडारी के प्रत्यर्पण में तेजी लाई जा रही है। भारत सरकारी इन्हें अपने कब्जे में लेने के लिए ब्रिटेन और अन्य देशों में उनकी संपत्तियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने कहा कि टीम का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी कर रहे हैं और लंदन में भारतीय उच्चायोग द्वारा ब्रिटेन के अधिकारियों के साथ लंदन में भगोड़ों द्वारा अर्जित संपत्ति के बारे में पेंडिंग जानकारी और उनके बैंकिंग लेनदेन के डिटेल की मांग के लिए बैठकें निर्धारित की गई हैं।

Fugitive Vijay Mallya, Nirav Modi, Sanjay Bhandari

विजय माल्या, नीरव मोदी, संजय भंडारी का होगा प्रत्यपर्ण

भंडारी, नीरव मोदी और माल्या का प्रत्यर्पण मामला ब्रिटेन की अदालतों में पेंडिंग

हथियार डीलर भंडारी जो यूपीए शासन के दौरान हुए कई रक्षा सौदों में इनकम टैक्स और ईडी द्वारा जांच शुरू करने के तुरंत बाद 2016 में भाग गए थे। उन्हें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा का करीबी माना जाता है। ईडी के मुताबिक भंडारी ने लंदन और दुबई में संपत्तियां हासिल की थीं और उन्हें वाड्रा के कथित सहयोगी सी सी थम्पी द्वारा नियंत्रित शेल कंपनियों को ट्रांसफर कर दिया था। भंडारी, नीरव मोदी और माल्या का प्रत्यर्पण ब्रिटेन की अदालतों में पेंडिंग है क्योंकि इन सभी ने भारत में अपने निर्वासन के खिलाफ उच्च न्यायालयों में अपील की है। ईडी ने पहले ही भारत में उनकी संपत्तियों को जब्त कर लिया है और माल्या और मोदी की हजारों करोड़ रुपए की संपत्ति बेचकर पैसा भी वसूला गया है और उनके बकाया के खिलाफ बैंकों को वापस कर दिया गया है।

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