आज के समय में क्रेडिट स्कोर (Credit Score) काफी महत्वपूर्ण हो गया है। लोन (Loan) या क्रेडिट कार्ड (Credit Card) के लिए आवेदन करते समय बैंक और वित्तीय संस्थान क्रेडिट हिस्ट्री (Credit History) को देखते हैं। अच्छा क्रेडिट स्कोर यह दिखाता है कि पहले लिए गए कर्ज और क्रेडिट का भुगतान किस तरह किया गया है। हालांकि, इसे बेहतर बनाने के लिए कोई शॉर्टकट नहीं है। कुछ अच्छी वित्तीय आदतों को लगातार अपनाकर क्रेडिट प्रोफाइल को मजबूत किया जा सकता है-
क्रेडिट स्कोर को बूस्ट करेंगी ये आदतें (Photo: iStock)
EMI और बिल का भुगतान
क्रेडिट स्कोर को बेहतर रखने के लिए सबसे जरूरी आदत है कि अपनी EMI और क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान तय तारीख पर करें। EMI या बिल का भुगतान देर से करने, भुगतान छोड़ने या डिफॉल्ट करने का असर क्रेडिट हिस्ट्री पर पड़ सकता है। इसलिए समय पर भुगतान के लिए मोबाइल रिमाइंडर या ऑटो-पेमेंट की सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे भूल की वजह से होने वाली देरी से बचा जा सकता है।
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कंट्रोल में रखें
क्रेडिट कार्ड की लिमिट ज्यादा होने का मतलब यह नहीं है कि आपको हर महीने पूरी लिमिट इस्तेमाल करनी चाहिए। उपलब्ध क्रेडिट लिमिट में से आप कितना हिस्सा इस्तेमाल करते हैं, इसे क्रेडिट यूटिलाइजेशन कहा जाता है। लगातार कार्ड की लिमिट के करीब खर्च करने से आप पर ज्यादा उधार निर्भर होने का संकेत जा सकता है। इसलिए बकाया राशि को समय पर चुकाएं और कार्ड को बार-बार उसकी लिमिट के करीब न ले जाएं।
जरूरत होने पर ही नया क्रेडिट लें
कैशबैक या दूसरे ऑफर देखकर बार-बार नए क्रेडिट कार्ड या लोन के लिए आवेदन करने से बचें। हर क्रेडिट आवेदन पर आमतौर पर लेंडर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करता है, जिससे क्रेडिट इन्क्वायरी दर्ज हो सकती है। कम समय में कई आवेदन करने से क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए पहले अलग-अलग ऑफर की तुलना करें और जरूरत होने पर ही आवेदन करें।
पुराने क्रेडिट कार्ड को सोच-समझकर बंद करें
अगर किसी पुराने क्रेडिट कार्ड का भुगतान रिकॉर्ड अच्छा है, तो उसे बंद करने से पहले विचार करना चाहिए। लंबी क्रेडिट हिस्ट्री आपके क्रेडिट मैनेजमेंट का अनुभव दिखा सकती है। पुराने कार्ड को बंद करने से आपकी कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट भी कम हो सकती है। हालांकि, अगर कार्ड पर अनावश्यक फीस लगती है, तो उसे बंद करने का फैसला लिया जा सकता है।
क्रेडिट रिपोर्ट नियमित रूप से चेक करें
अपनी क्रेडिट रिपोर्ट समय-समय पर जरूर देखें। इसमें किसी ऐसे खाते की जानकारी मिल सकती है जिसे आपने नहीं खोला, गलत बकाया राशि, डुप्लीकेट एंट्री या ऐसी क्रेडिट इन्क्वायरी जिसे आपने अधिकृत नहीं किया। गलती मिलने पर उसे सही कराने के लिए विवाद दर्ज किया जा सकता है। CIBIL के अनुसार, हर कैलेंडर वर्ष में एक बार मुफ्त CIBIL Score और Report भी प्राप्त की जा सकती है।
