रबी फसलों पर सूखे की मार! गेहूं, चना और सरसों की बुवाई में 46% की बड़ी गिरावट

अल नीनो के चतले इस बार मानसून सीजन में समान्य से कम बारिश हुई है। इसका असर अब रबी फसलों की बुवाई पर हो रहा है।

गेहूं सहित रबी फसलों की बुवाई पिछले साल की रफ्तार से काफी पीछे चल रही है। 30 अक्टूबर तक कुल 37.56 लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बुवाई हुई है, जो एक साल पहले की समान अवधि के 69.02 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 46 प्रतिशत कम है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुवाई अब तक केवल 19,000 हेक्टेयर में हुई है जबकि पिछले साल इसी अवधि तक 3.34 लाख हेक्टेयर में बुवाई की गई थी। इसकी वजह मिट्टी में पर्याप्त नमी का नहीं होना बताया गया है। गेहूं की बुवाई आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर में होती है और इसकी कटाई मार्च-अप्रैल में की जाती है। फसल वर्ष 2025-26 (जुलाई-जून) में गेहूं की बुवाई 336 लाख हेक्टेयर में हुई थी।

Rabi Crop

रबी फसल पर संकट

दलहन फसलों का रकबा भी घटा

साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, दलहन फसलों का रकबा 19.56 लाख हेक्टेयर से घटकर 9.45 लाख हेक्टेयर रह गया। चने का रकबा 14.35 लाख हेक्टेयर से घटकर 5.90 लाख हेक्टेयर रह गया। तिलहन फसलों की बुवाई एक साल पहले के 38.62 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 20.97 लाख हेक्टेयर में हुई। इसमें सरसों और राई का रकबा 38.07 लाख हेक्टेयर से घटकर 20.50 लाख हेक्टेयर रह गया।

End of Feed