शेयर बाजार ने पिछले दो साल में निवेशकों को निराश किया है। भारतीय बाजार एक रेंज में ट्रेड कर रहा है। इससे SIP के जरिये म्यूचुअल फंड या सीधे स्टॉक में पैसा लगाने वाले निवेशकों को मामूली रिटर्न या नुकसान उठाना पड़ा है। बाजार में इस सुस्ती के बाद अब एक बार निवेशक फिर फिक्स रिटर्न वाले निवेश माध्यम की ओर लौट रहे हैं। इसके चलते बैंक FD से लेकर पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग स्कीम में निवेशकों का रुझान बढ़ा है। अगर आप भी गारंटीड रिटर्न वाले बेस्ट इन्वेस्टमेंट विकल्प ढूंढ रहे हैं तो हम आपको 5 बेहतरीन निवेश माध्यम बता रहे हैं। इनमें आप निवेश कर बिना किसी टेंशन के शानदार रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।
निवेश के बेस्ट विकल्प
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
बेटी के आर्थिक भविष्य के लिए बनाई गई सुकन्या समृद्धि योजना अभी छोटी बचत योजनाओं में सबसे ज्यादा ब्याज दरों में से एक है। इस सेविंग स्कीम पर अभी सालाना 8.20% ब्याज मिल रहा है। माता-पिता या कानूनी अभिभावक 10 साल से कम उम्र की बच्ची के लिए यह खाता खुलवा सकते हैं। यह योजना भविष्य में पढ़ाई और शादी के खर्चों में मदद करने के लिए है।
किसान विकास पत्र (KVP)
किसान विकास पत्र उन निवेशकों के लिए सही है जो बिना मार्केट रिस्क के पक्का रिटर्न चाहते हैं। अभी इस पर सालाना 7.5% ब्याज मिलता है और मौजूदा ब्याज दर के हिसाब से निवेश की गई रकम 115 महीनों में दोगुनी हो जाती है।
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)
NSC एक फिक्स्ड-इनकम इन्वेस्टमेंट है जिस पर अभी सालाना 7.7% ब्याज मिलता है। इसकी मैच्योरिटी अवधि पांच साल की होती है और यह सेक्शन 80C के तहत टैक्स बेनेफिट के लिए योग्य है। चूंकि यह स्कीम सरकार द्वारा समर्थित है, इसलिए इसे कम रिस्क वाला इन्वेस्टमेंट ऑप्शन माना जाता है।
सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)
सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) में सालाना 8.20% ब्याज मिलता है, जो इसे सरकार द्वारा समर्थित सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले सेविंग्स विकल्पों में से एक बनाता है। यह स्कीम 60 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए उपलब्ध है (कुछ शर्तों के साथ) और रिटायर हो चुके लोग, जिन्हें रेगुलर इनकम चाहिए, इसे काफ़ी पसंद करते हैं।
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट
पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिटका काम काफ़ी हद तक बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट जैसा ही होता है, लेकिन इन्हें सरकार का समर्थन हासिल होता है। अभी ब्याज दरें इस प्रकार हैं: एक साल के लिए 6.9%, दो साल के लिए 7%, तीन साल के लिए 7.1% और पाँच साल के लिए 7.5%। पाँच साल की डिपॉजिट पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स का फ़ायदा भी मिलता है।
गारंटरीड रिटर्न के चलते लोकप्रिय हो रही?
इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव और शॉर्ट टर्म में रिटर्न में अस्थिरता को देखते हुए, कई निवेशक अपने पोर्टफोलियो को स्थिर निवेश विकल्पों के साथ संतुलित करना चाहते हैं। सरकार द्वारा समर्थित छोटी बचत योजनाओंमें रिटर्न का पहले से अंदाजा लगाया जा सकता है, इन्हें सरकारी गारंटी मिलती है और रोजाना के बाजार के उतार-चढ़ाव का इन पर कोई असर नहीं पड़ता।
