Makhana Ki Kheti: भारी बारिश के चलते कई नदियां में बाढ़ आ जाती है। बाढ़ का पानी खेतों में भर जाता है। जिसकी वजह से लगी फसलें बर्बाद हो जाती हैं। किसानों को भारी नुकसान होता है। बाढ़ की विभिषिका अक्सर उत्तरी बिहार में देखने को मिलती है। कोसी नदी का पानी यहां तबाही लाता रहता है। जिसकी वजह से कई महीनों तक खेतों में पानी भरा रहता है। अगली फसल लगाने के लिए खेतों को सूखने का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन यहां के किसान पानी से भरे खेतों में मखाना की खेती कर अच्छी कमाई कर सकते हैं। मखाना खेती पानी में ही होती है। मखाना बेहतरीन हेल्दी फूड माना जाता है। बाढ़ प्रभावित इलाके में इसकी खेती के लिए बिहार सरकार किसानों को आर्थिक मदद भी दे रही है।
बाढ़ के पानी में मखाना की खेती कर कमाएं लाखों (तस्वीर-commons.wikimedia)
बाढ़ से डूबे खेतों में करें मखाना की खेती
मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार मखाना विकास योजना चला रही है। सरकार बाढ़ प्रभावित किसानों को इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है। कई किसान बाढ़ में डूबे खेतों में मखाना की खेती कर लाखों रुपए की कमाई कर रहे हैं। क्योंकि यहां से मखाना की सप्लाई विदेशों में भी होती है। इसकी डिमांड काफी है।
इन जिलों में मखाना की खेती के लिए प्रोत्साहन
बिहार के बाढ़ प्रभावित जिले दरभंगा, मधेपुरा, सहरसा, किशनगंज, सुपौल, अररिया, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया, मधुबनी हैं। यहां करीब-करीब हर साल बाढ़ आती ही है। इसलिए बिहार सरकार इस इलाके के किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए मखाना विकास योजना चला रही है। किसान इससे कमाई को देखते हुए मखाना की खेती की ओर मुखातिब हुए हैं।
मखाना की खेती के लिए सब्सिडी
मखाना विकास योजना के तहत बिहार सरकार ने मखाने की खेती करने पर प्रति हेक्टेयर लागत 97000 रुपये तय की है, जिस पर सरकार किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। इस योजना के तहत अधिकतम 72,750 रुपए दिए जाएंगे। इसका मतलब किसानों को अपनी जेब से केवल 24,250 रुपए ही खर्च करने होंगे।
सब्सिडी के लिए कैसे करें आवेदन
- इच्छुक किसान को पहले मखाना विकास योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करना होता है।
- यह ऑनलाइन आवेदन उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग, बिहार सरकार की वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in/ पर किया जा सकता है।
- अधिक जानकारी के लिए संबंधित जिला के सहायक निदेशक उद्यान कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।
- उद्यान निदेशालय बिहार ने मखाना विकास योजना (2024-25) के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म मंगाए हैं।
- मखाना की खेती का क्षेत्र विस्तार, उन्नत बीज उत्पादन और मखाना की खेती में परंपरागत तरीकों से निर्मित उपकरण किट के लिए किसानों को अनुदान लाभ दिया जा रहा है।
- बिहार के 10 जिले दरभंगा, मधेपुरा, सहरसा, किशनगंज, सुपौल, अररिया, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया, मधुबनी के किसान इस योजना के लाभ ले सकेंगे।
- योजना के तहत किसान को प्रति हेक्टेयर लागत 97 हजार रुपए पर 75 फीसदी सब्सिडी दी जाएगी।
- मखाना की खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरण किट औंका या गांज, कारा, खेंची, चलनी, चटाई, अफरा, थापी खरीदने के लिए प्रति हेक्टेयर लागत 22100 रुपए का 75 प्रतिशत यानी 16575 रुपए की सब्सिडी प्रति किट ले सकेंगे।
