Service Sector Growth : देश के सर्विस सेक्टर की ग्रोथ जुलाई में 11 महीने के उच्च स्तर 60.5 पर पहुंच गई, जो जून में 60.4 थी। यह तेजी नए निर्यात ऑर्डर और समग्र बिक्री में बढ़ोतरी के कारण हुई है। यह अगस्त 2024 के बाद से सबसे मजबूत ग्रोथ रेट है।
सेवा क्षेत्र की वृद्धि (तस्वीर-istock)
पीएमआई में 50 से ऊपर अंक का मतलब विस्तार
क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) में 50 से ऊपर का अंक गतिविधियों के विस्तार को दर्शाता है जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन का संकेत होता है।
नए निर्यात ऑर्डर ने दी मजबूती
न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक एचएसबीसी के भारत के मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी के अनुसार, सेवा गतिविधि सूचकांक 60.5 पर पहुंचने का मतलब है कि नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि ने वृद्धि की गति को मजबूत किया है। नए व्यवसायों में निरंतर वृद्धि उत्पादन का मुख्य कारण बनी है।
अंतरराष्ट्रीय मांग में सुधार
भारतीय सेवा प्रदाताओं ने एशिया, कनाडा, यूरोप, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका से नए काम मिलने की जानकारी दी है, जिससे उनकी सेवाओं की अंतरराष्ट्रीय मांग में सुधार हुआ है।
कच्चे माल और तैयार माल की कीमतों में वृद्धि
सर्वे में कहा गया कि जून की तुलना में कच्चे माल और तैयार माल की कीमतों में तेजी आई है। उत्पादन कीमतों में यह बढ़ोतरी लागत और मजबूत मांग का प्रतिबिंब है।
भविष्य में कीमतों में बदलाव की संभावना
प्रांजुल भंडारी ने कहा कि कच्चे माल और तैयार माल की कीमतें जून की तुलना में तेजी से बढ़ीं, लेकिन भविष्य में इसमें बदलाव हो सकता है। यह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के हालिया आंकड़ों से संकेतित है।
खुदरा और थोक महंगाई के आंकड़े
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी से 4% से नीचे बनी हुई है, जो जून में 2.1% थी। थोक मूल्य मुद्रास्फीति (WPI) 19 महीने बाद नकारात्मक होकर जून में 0.13% घटी।
समग्र पीएमआई सूचकांक में मामूली बढ़ोतरी
एचएसबीसी इंडिया कम्पोजिट आउटपुट सूचकांक जून के 61.0 से बढ़कर जुलाई में 61.1 हो गया। समग्र पीएमआई सूचकांक विनिर्माण और सेवा पीएमआई का भारित औसत है।
सर्वे की पद्धति
एचएसबीसी इंडिया सेवा पीएमआई को एसएंडपी ग्लोबल ने लगभग 400 सेवा क्षेत्र की कंपनियों को भेजे गए सर्वेक्षण के आधार पर तैयार किया है।
