कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ओर से 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली का ऐलान किया गया है। इस रैली को सफल बनाने के लिए कांग्रेस ने दिल्ली के आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों को लाने का जिम्मा अपने क्षेत्रीय नेताओं को दिया है। इससे पूरी दिल्ली में जाम जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका जताई जा रही है। त्योहारी सीजन में कांग्रेस की इस रैली से दिल्ली के 21 बड़े मार्केट प्रभावित होने की बात कारोबारी संगठन 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (सीटीआई) ने की है। त्योहारों को देखते हुए कारोबारियों ने कांग्रेस से यह रैली टालने का अनुरोध किया है। हालांकि, ऐसा होता नहीं दिखाई दे रहा है। कारोबारियों का कहना है कि इस रैली से एक दिन में 3000 करोड़ तक के कारोबार प्रभावित हो सकता है।
कांग्रेस की रैली
दिल्ली के ये बड़े मार्केट प्रभावित होने का दावा
कारोबारी संगठन 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (सीटीआई) ने दावा किया है कि एक नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की प्रस्तावित रैली से त्योहारों के समय चांदनी चौक, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, नबी करीम, करोल बाग, अजमेरी गेट, दरियागंज, नयी सड़क, किनारी बाजार, दरिबा कलां, फतेहपुरी, लाहौरी गेट, फिल्मिस्तान, पहाड़गंज, गफ्फार मार्केट, जामा मस्जिद, लाजपत राय मार्केट और नया बाजार में कारोबार बाधित हो सकता है।
₹3,000 करोड़ के कारोबार पर संकट
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुसार, दिल्ली में आम दिनों में इन सभी बाजारों में करीब ₹2,200 करोड़ का कारोबार होता है। वहीं, त्योहारी सीजन में यह बढ़कर 3000 करोड़ के पार पहुंच जाता है। कांग्रेस की इस रैली से एक दिन में करीब 3000 करोड़ रुपये के कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। सीटीआई के अनुसार, कांग्रेसी की रैली में 10 लाख लोगों की भीड़ के कारण दिल्ली में 15,000 से 20,000 वाहन आ सकते हैं। इनमें 10,000 से 12,000 बस और 5,000 से 7,000 छोटी गाड़ियां शामिल होंगी। इससे पूरी दिल्ली में जाम जैसी स्थिति पैदा होगी जो इन बाजारों को बुरी तरह से प्रभावित करेगा।
