रिश्तेदार के लिए Loan की गारंटी देना पड़ सकता है भारी! EMI नहीं भरी तो आप भी फंसेंगे

किसी रिश्तेदार या दोस्त की मदद के लिए उसके लोन का गारंटर बनना भारी पड़ सकता है। अगर उधार लेने वाला समय पर EMI नहीं चुकाता, तो बैंक गारंटर से भी रकम मांग सकता है और उसके क्रेडिट रिकॉर्ड पर असर पड़ सकता है।

जब कोई दोस्त या रिश्तेदार लोन लेना चाहता है और बैंक उससे गारंटर मांगता है, तो अक्सर करीबी लोग बिना ज्यादा सोचे उसकी मदद के लिए तैयार हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि गारंटर बनने से उन्हें कोई खास परेशानी नहीं होगी, क्योंकि लोन तो दूसरा व्यक्ति ले रहा है। लेकिन ऐसा सोचना भारी पड़ सकता है। गारंटर बनने का मतलब सिर्फ किसी की मदद करना नहीं है, बल्कि लोन की अदायगी को लेकर एक बड़ी जिम्मेदारी लेना भी है।

Loan Gaurantor

गारंटर बनने का क्या मतलब है?

आसान भाषा में समझें तो गारंटर बैंक को यह भरोसा देता है कि अगर मुख्य कर्ज लेने वाला व्यक्ति लोन नहीं चुकाता है, तो उसकी जिम्मेदारी गारंटर पर भी आ सकती है। भारतीय कानून के तहत सामान्य तौर पर गारंटर की जिम्मेदारी मुख्य कर्जदार की जिम्मेदारी के बराबर हो सकती है, जब तक लोन के अनुबंध में कुछ अलग व्यवस्था न हो। यानी सिर्फ नाम देने भर से आपकी जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती।

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