Closing Bell : शेयर बाजार में मंगलवार, 25 अगस्त को शुरुआती दबाव के बाद शानदार रिकवरी देखने को मिली। दिन के कारोबार में एक समय Nifty 104 अंक तक फिसलकर 24,115 के स्तर पर आ गया था, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से बाजार ने पूरी गिरावट की भरपाई कर ली और कारोबार खत्म होने पर निफ्टी 115.50 अंक यानी 0.48 फीसदी चढ़कर 24,334.55 पर बंद हुआ। Sensex भी 286.98 अंक यानी 0.37 फीसदी की बढ़त के साथ 77,656.09 पर पहुंच गया।
शेयर बाजार में तेजी
अचानक क्यों बदला निवेशकों का मूड?
बाजार में तेजी की बड़ी वजह क्रूड ऑयल के दाम में आई गिरावट है। Brent Crude के दाम में आधे घंटे के भीतर करीब 3 फीसदी की गिरावट देखने केा मिली है। इसके बाद क्रूड का दाम 89 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की वापसी, मजबूत ग्लोबल संकेत और गिरावट के बाद निचले स्तरों पर हुई वैल्यू बाइंग रही। मंगलवार के कारोबार में 34 निफ्टी शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 16 शेयरों में गिरावट रही।
ग्लोबल मार्केट से मिले संकेत
बाजार में धारणा सुधरने की अहम वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी रही। सोमवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 1,181.66 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। इससे लगातार दो कारोबारी सत्रों की बिकवाली का सिलसिला टूटा। विदेशी निवेशकों की वापसी को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब बाजार वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों और विदेशी फंड फ्लो को लेकर सतर्क है। इसके अलावा मंगलवार को एशियाई बाजारों का रुख भी कुल मिलाकर सकारात्मक रहा। जापान के निक्केई, दक्षिण कोरिया के कोस्पी और ताइवान के बाजार में तेजी रही। यूरोपीय बाजारों में भी खरीदारी दिखी, जबकि अमेरिकी वायदा बाजार में शुरुआती मजबूती नजर आई।
फार्मा और हेल्थकेयर चमके
मंगलवार के कारोबार में सभी सेक्टरों में एक जैसी तेजी नहीं रही। निफ्टी बैंक 0.02 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 57,514.20 पर बंद हुआ। निजी बैंक सूचकांक में भी 0.20 फीसदी की कमजोरी रही। दूसरी तरफ फार्मा सेक्टर बाजार का मजबूत प्रदर्शन करने वाले समूहों में रहा। निफ्टी फार्मा 0.85 फीसदी चढ़ा। हेल्थकेयर सूचकांक में 1.09 फीसदी की तेजी रही। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.93 फीसदी, पीएसयू बैंक 0.75 फीसदी और ऑटो 0.40 फीसदी ऊपर रहे।
इंडिया विक्स 3.40% नीचे
बाजार में तेजी के साथ इंडिया विक्स में 3.40 फीसदी की गिरावट आना भी निवेशकों के लिए अहम संकेत रहा। इंडिया विक्स 11.13 पर आ गया, जबकि पिछला बंद स्तर 11.53 था। विक्स में गिरावट का मतलब बाजार में निकट अवधि की घबराहट कम होना है। इससे संकेत मिलता है कि मंगलवार को शुरुआती गिरावट के बावजूद निवेशकों ने बड़ी बिकवाली के बजाय निचले स्तरों पर खरीदारी को तरजीह दी। हालांकि, बाजार अभी भी अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर से नीचे है। निफ्टी का 52 हफ्ते का उच्च स्तर 26,373.20 है, जबकि मंगलवार का बंद स्तर 24,334.55 रहा।
मंथली एक्सपायरी का असर
मंगलवार की बाजार चाल पर मासिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी का भी असर रहा। यह निफ्टी 50 की उस पहली मासिक एक्सपायरी में से एक है जिसमें शेयरों के लिए नया क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम लागू हो रहा है। इस व्यवस्था में लगातार कारोबार खत्म होने के बाद ऑक्शन के जरिए इक्विलिब्रियम प्राइस तय किया जाता है। बाजार प्रतिभागियों के मुताबिक, अगर ऑक्शन बुक में कारोबार की मात्रा कम रहती है तो अंतिम कीमत सामान्य ट्रेडिंग के मुकाबले अलग दिशा में जा सकती है। यही वजह है कि एक्सपायरी के दौरान बाजार की अंतिम चाल पर नजर बनी हुई है।
