उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने एक साथ चुनाव कराने के लिए अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि इससे केंद्र और राज्य स्तर पर चुनावी चक्र एक हो जाएंगे। सीआईआई ने कहा कि 'एक राष्ट्र एक चुनाव' (One Nation One Election) से शासन की दक्षता बढ़ेगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। सीआईआई ने शुक्रवार को एक देश एक चुनाव (ओएनओई) पर उच्च स्तरीय समिति के सामने अपने विचार रखे। पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द की अध्यक्षता में ओएनओई पर उच्च स्तरीय समिति ने अपनी पांचवीं बैठक की।
वन नेशन वन इलेक्शन के पक्ष में सीआईआई
शासन की दक्षता बढ़ेगी और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
उद्योग निकाय ने कहा कि सीआईआई का विचार चुनावी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के आर्थिक लाभों पर आधारित है, जिससे शासन की दक्षता बढ़ेगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसने कहा कि बार-बार चुनावों से नीति निर्माण और प्रशासन में व्यवधान होता है, जिससे सरकार की नीतियों के बारे में अनिश्चितता पैदा होती है।
आदर्श आचार संहिता, चुनाव ड्यूटी से काम पर पड़ता है असर
सीआईआई ने कहा कि अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी में लगाए जाने से सरकार के कामकाज पर भी असर पड़ता है। चुनाव से पहले निजी क्षेत्र द्वारा निवेश संबंधी निर्णय धीमे हो जाते हैं। इसके अलावा, इससे परियोजना कार्यान्वयन में देरी होती है, क्योंकि आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है।
सुस्त हो जाती है आर्थिक तरक्की
सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि आर्थिक नुकसान और नीति-निर्माण में सुस्ती को देखते हुए सीआईआई का सुझाव है कि भारत को एक साथ चुनाव के चक्र पर वापस लौटना चाहिए। (भाषा)
