Chandrayaan 3 launch And Joureny Of ISRO In Commercial Space:भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)एक अहम पड़ाव के नजदीक है। इसरो चंद्रयान-3 मिशन के तहत 14 जुलाई को चंद्रयान का प्रक्षेपण करेगा। यह प्रक्षेपण कितना अहम है, इसे वरिष्ठ अंतरिक्ष वैज्ञानिक और पूर्व इसरो चेयरमैन जी माधवन नायर के बयान से समझा जा सकता है। उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा कि चंद्रमा तक पहुंचने के चंद्रयान-3 मिशन को सभी पहलुओं पर सफल होना चाहिए ताकि भारत अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक अहम पड़ाव पार कर सके। असल में माधवन जिस पड़ाव को पार करने की बात कर रहे हैं, वह यह है कि चंद्रयान की सफलता भारत को उन तीनों देशों की कैटेगरी में शामिल कर देगी। जो चंद्रमा पर सफल लैडिंग कर चुके हैं। अभी तक ऐसा अमेरिका, रूस और चीन जैसे देश ही कर पाए हैं। इस सफलता के इसरो के बिजनेस की भी आयाम खुलेंगे।
14 जनवरी को दोपहर में लांच होगा चंद्रयान-3
इसरो ने बीते 5 साल में कमाए 1100 करोड़
ISRO दुनिया के उन चुनिंदा संगठनों में शामिल है जो न केवल घरेलू सेटेलाइट का प्रक्षेपण करता है बल्कि विदेशी सेटेलाइट (Satellites) का भी सफलतापूर्वक प्रक्षेपण करता है। इसरो विदेशी सैटेलाइटों के प्रक्षेपण से हर साल करोड़ों की कमाई करता है। संसद में अंतरिक्ष मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा दिसंबर 2022 में दी गई जानकारी के अनुसार विदेशी उपग्रहों के प्रक्षेपण से इसरो पिछले पांच वर्षों में करीब 1100 करोड़ रुपये कमाई की है। यह कमाई उसे साल 2018-2022 के दौरान इसरो की हुई है। इस दौरान इसरो ने 19 देशों के 177 विदेशी उप्रगह लॉन्च किए हैं। इसमें ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, कोलंबिया, फिनलैंड, फ्रांस, इजराइल, लक्समबर्ग, मलेशिया, नीदरलैंड, कोरिया, सिंगापुर, स्पेन, स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका, इटली, जापान, लिथुआनिया जैसे देश शामिल हैं।
जुलाई 2022 में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा दिए गए बयान के अनुसार कि इसरो ने उस वक्त कुल 223 मिलियन डॉलर (1,830 करोड़) की कमाई पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV)के जरिए विदेशी उपग्रह को लॉन्च करने से की थी।
36 OneWeb सैटलाइट किए लॉन्च
इसके पहले इसरो ने एक अहम रिकॉर्ड बनाया था। उसने LVM-3 ने एक ही मिशन में 36 वनवेब उपग्रह लॉन्च किए। इसके साथ ही पहली बार एक भारतीय कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने निजी तौर पर विकसित रॉकेट विक्रम एस को अंतरिक्ष में भेजा था। इसरो ने अपने इस मिशन को 'प्रारंभ' (Prarambh) नाम दिया था।
कमाई में है Antrix का अहम रोल
इसरो के कॉमर्शियल कामों को उसकी इकाई Antrix कॉरपोरेशन लिमिटेड देखती है। जो कि एक पब्लिक सेक्टर कंपनी है और उसका गठन साल 1992 में किया गया था। एक रिपोर्ट के अनुसाल साल 2025 तक भारत का कॉमर्शियल सेटेलाइट लांच सर्विस का बाजार करीब 13 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
