CGHS लाभार्थियों सावधान! Ayushman Bharat से जुड़ने पर छिन सकते हैं ये फायदे

अगर आप CGHS छोड़कर Ayushman Bharat योजना अपनाने का सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। पहली नजर में Ayushman Bharat आकर्षक लगता है, लेकिन इसमें शामिल होने पर आप CGHS की कई महत्वपूर्ण सुविधाएं हमेशा के लिए खो सकते हैं। फैसला लेने से पहले इन नुकसानों को जानना बेहद जरूरी है।

अगर आप CGHS के लाभार्थी हैं चाहे पेंशनर हों, सरकारी कर्मचारी हों या उनके परिवार के सदस्य तो हाल ही में आई खबर आपके काम की साबित हो सकती है। केंद्र सरकार ने यह विकल्प दिया है कि CGHS सदस्य चाहें तो Ayushman Bharat (PM-JAY) योजना से भी जुड़ सकते हैं। पहली नजर में यह सुविधा आकर्षक लग सकती है, क्योंकि Ayushman Bharat में अस्पताल उपचार का बड़ा कवरेज मिलता है। लेकिन विशेषज्ञों और स्वास्थ्य नीति से जुड़े अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि CGHS छोड़कर Ayushman Bharat अपनाना कई पुरानी सुविधाओं को खो देने जैसा है। इसलिए यह कदम उठाने से पहले उसके फायदे–नुकसान अच्छी तरह समझना जरूरी है।

CGHS vs Ayushman Bharat

अगर आयुष्मान भारत में जुड़े तो क्या करना होगा?

सबसे पहली और बड़ी बात यह है कि CGHS लाभार्थी अगर Ayushman Bharat में शामिल होते हैं, तो उन्हें अपना मौजूदा CGHS कार्ड सरेंडर करना होगा। यानी आप दोनों योजनाओं का लाभ एक साथ नहीं ले सकते। CGHS भारत की सबसे व्यापक और स्थायी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है, जिसमें पेंशनर्स और सरकारी कर्मचारियों को OPD से लेकर दवाइयों, डायग्नोस्टिक टेस्ट, इलाज, अस्पताल भर्ती और यहां तक कि क्रॉनिक बीमारियों की नियमित देखभाल तक मिलती है। लेकिन Ayushman Bharat का ढांचा बिल्कुल अलग है यह केवल अस्पताल में भर्ती (IPD) और बड़े मेडिकल खर्चों को कवर करता है। इसमें रोजमर्रा की दवाइयाँ, डॉक्टर की नियमित विज़िट, फॉलो-अप चेकअप या लंबी बीमारी का मैनेजमेंट शामिल नहीं है।

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