Central Bank of India Rbi Penalty: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को कहा कि उसने सार्वजनिक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (सीबीआई) पर धोखाधड़ी वर्गीकरण और उसकी सूचना देने से संबंधित मानदंडों के कुछ प्रावधानों का पालन न करने पर 84.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
सेट्रल बैंक ऑफ इंडिया
इस वजह से लगा जुर्माना
रिजर्व बैंक ने बैंक की 31 मार्च, 2021 तक की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में उसके पर्यवेक्षण संबंधी मूल्यांकन के लिए वैधानिक निरीक्षण किया था। रिपोर्ट की जांच से पता चला कि बैंक ने कर्जदाताओं के साझा मंच (जेएलएफ) के खातों को धोखाधड़ी घोषित करने के निर्णय के सात दिनों के भीतर आरबीआई को धोखाधड़ी को लेकर रिपोर्ट नहीं किया था। बैंक ने अपने ग्राहकों से एसएमएस अलर्ट (मोबाइल पर संदेश) का शुल्क वास्तविक उपयोग के आधार के बजाय समान आधार पर लिया था।
इस नियम का का हुआ उल्लघंन
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की तरफ से 25 मई भारतीय रिजर्व बैंक (वाणिज्यिक बैंकों और चुनिंदा वित्तीय संस्थानों द्वारा धोखाधड़ी वर्गीकरण और रिपोर्टिंग) निर्देश 2016' और 'मास्टर सर्कुलर' में बताई गई कुछ गाइडलाइनों का पालन ना कर पाने की वजह से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर जुर्माना लगाया गया है। आरबीआई ने यह एक्शन बैंक की रिस्क असेसमेंट रिपोर्ट और इंस्पेक्शन रिपोर्ट की जांच के बाद लिया है। आरबीआई ने देखा कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया था।
इन बैंकों पर भी लग चुका है जुर्माना
पिछले हफ्ते RBI ने केनरा बैंक पर भी 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। वहीं बीते 24 घंटों के दौरान RBI ने एक सरकारी समेत चार को-ऑपरेटिव बैंकों पर जुर्माना लगाया है। आरबीआई की तरफ से को-ऑपरेटिव बैंक पर कुल 44 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। चेन्नई स्थित तमिलनाडु स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक पर 16 लाख का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक, पुणे स्थित जनता सहकारी बैंक और राजस्थान के बारां स्थित बारां नागरिक सहकारी बैंक पर भी जुर्माना लगाया गया।
