Ease Of Doing Business : ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को ईजी बनाने और निर्यातकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ इंडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) ने IFSC कोड रजिस्ट्रेशन के लिए सिस्टम-आधारित ऑटो-अप्रूवल प्रणाली लागू की है। यह जानकारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।
व्यापार में तेजी लाने के लिए CBIC का बड़ा कदम, IFSC कोड को मिलेगी तुरंत मंजूरी (तस्वीर-istock)
अब एक बार अप्रूव हुए बैंक खाते का कई बंदरगाहों पर स्वत: रजिस्ट्रेशन संभव
यूएनआई के मुताबिक इस नई पहल के तहत अगर किसी आयातक-निर्यातक कोड (IEC) के अंतर्गत किसी एक कस्टम स्थान पर किसी बैंक खाते और IFSC कोड का संयोजन पहले से मंजूर किया जा चुका है, तो वही संयोजन अन्य कस्टम स्थानों पर भी स्वतः स्वीकृत हो जाएगा। इसके लिए अब बंदरगाह अधिकारी की मैन्युअल मंजूरी की जरूरी नहीं होगी।
निर्यात प्रोत्साहनों की त्वरित प्रक्रिया सुनिश्चित
बयान में कहा गया कि इस पहल का उद्देश्य है, बैंक खातों और IFSC कोड की मंजूरी प्रक्रिया को तेज बनाना, कई बंदरगाहों पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाना, निर्यात प्रोत्साहनों की राशि को जल्दी और सीधे निर्यातकों के बैंक खातों में ट्रांसफर करना और संपूर्ण व्यापार प्रक्रियाओं की दक्षता को बढ़ाना।
अब नहीं होगी कोई समस्या
अब तक, निर्यातकों को अपने प्रोत्साहन से जुड़े बैंक खातों और IFSC कोड को प्रत्येक बंदरगाह पर अलग-अलग रजिस्टर कराना पड़ता था। इससे न केवल काम में दोहराव होता था बल्कि कई बार मंजूरी में देरी भी होती थी। नए ऑटो-अप्रूवल सिस्टम से यह समस्या खत्म हो जाएगी।
ICEGATE पर पहले से उपलब्ध है ऑनलाइन AD कोड रजिस्ट्रेशन
गौरतलब है कि निर्यातक पहले से ही ICEGATE पोर्टल के माध्यम से ऑथोराइज्ड डीलर (AD) कोड का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। अब इसी दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए, CBIC ने IFSC कोड और बैंक खाता रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को भी ऑटोमेट किया है।
व्यापारियों को होगा बड़ा लाभ
यह कदम विशेष रूप से उन निर्यातकों के लिए फायदेमंद साबित होगा, जो देश के कई बंदरगाहों से व्यापार करते हैं। उन्हें अब हर बंदरगाह पर अलग-अलग आवेदन करने की जरुरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। सीबीआईसी की यह पहल ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत करने की दिशा में एक अहम प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
