Cafe Coffee Day:कॉफी रिटेल चेन कैफे कॉफी डे को बड़ी राहत मिली है। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण (NCLAT) ने कैफे कॉफी डे चेन का ऑपरेशन करने वाली कॉफी डे एंटरप्राइजेज लिमिटेड (सीडीईएल) के खिलाफ दिवाला कार्यवाही पर बुधवार को अगली सुनवाई तक रोक लगा दी।अंतरिम आदेश पारित करते हुए अपील अधिकरण की चेन्नई स्थित पीठ ने एनसीएलटी के आदेश के तामील पर रोक लगा दी।
कैफे कॉफी डे दिवाला कार्यवाही
एनसीएलएटी ने सीडीईएल के वित्तीय ऋणदाता आईडीबीआई ट्रस्टीशिप सर्विसेज लिमिटेड (IDBITSL) को कंपनी के प्रस्तुतीकरण पर जवाबी हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। आईडीबीआईटीएसएल ने 228.45 करोड़ रुपये के डिफॉल्ट का दावा किया है।
NCLAT ने किस आधार पर लगाई रोक
एनसीएलएटी ने कंपनी के निलंबित निदेशक मंडल की कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी मालविका हेगड़े द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश पारित किया है। न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा और न्यायमूर्ति जतिन्द्रनाथ स्वैन की पीठ ने कहा, कि ऐसी परिस्थितियों में, प्रतिवादियों को तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है। सूचीबद्ध होने की अगली तिथि तक, अपीलकर्ता (सीडीईएल) को धारा-7 की प्रक्रियाओं में शामिल करने संबंधी विवादित आदेश को स्थगित रखा जाएगा।
क्या है मामला
एनसीएलटी की बेंगलुरु पीठ ने आईडीबीआई ट्रस्टीशिप सर्विसेज लिमिटेड (आईडीबीआई टीएसएल) द्वारा दायर याचिका को आठ अगस्त को स्वीकार कर लिया था, जिसमें 228.45 करोड़ रुपये की डिफॉल्ट का दावा किया गया था। पीठ ने कर्ज में डूबी कंपनी के परिचालन की देखभाल के लिए एक अंतरिम समाधान पेशेवर की नियुक्ति भी की थी। कैफे कॉफी डे, जिसे CCD के नाम भी जाना जाता है, इसकी शुरूआत 1996 में वीजी सिद्धार्थ ने रखी थी। एक समय कमाई करने वाली कंपनी साल 2019 तक 6550 करोड़ रुपये के कर्ज में डूब गई थी। और कर्ज के तनाव के कारण सिद्धार्थ ने 2019 में नेत्रावदी नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। उसके बाद उनकी पत्नी और सीईओ मालविका हेगड़े कंपनी को रिवाइव करने की कोशिश कर रही हैं।
