रेयर अर्थ चुम्बकों के विनिर्माण को मंजूरी, मोदी कैबिनेट ने 7280 करोड़ रुपये की योजना पर लगाई मुहर

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि यह योजना दुर्लभ मृदा स्थायी चुम्बकों के विनिर्माण को बढ़ावा देगी। इसका उद्देश्य 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (मीट्रिक टन प्रति वर्ष) क्षमता सृजित करना है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 7,280 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ दुर्लभ मृदा स्थायी चुम्बकों (rare earth permanent magnets )के विनिर्माण को बढ़ावा देने हेतु एक योजना को मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'सिंटर्ड दुर्लभ मृदा स्थायी चुम्बकों के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना' को मंजूरी दी गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि यह योजना दुर्लभ मृदा स्थायी चुम्बकों के विनिर्माण को बढ़ावा देगी। इसका उद्देश्य 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (मीट्रिक टन प्रति वर्ष) क्षमता सृजित करना है।

Vaishnow Ashwin

अश्विनी वैष्णव (PTI)

दुर्लभ मृदा चुम्बकों का उपयोग कहां-कहां

दुर्लभ मृदा चुम्बकों का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, चिकित्सा उपकरण और रक्षा सहित प्रमुख उद्योगों में किया जाता है। इस योजना में वैश्विक प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से पांच लाभार्थियों को कुल क्षमता आवंटित करने का प्रावधान है। प्रत्येक लाभार्थी को 1,200 मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक की क्षमता आवंटित की जाएगी।

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