Cabinet Approved Extension Of Digital India Programme:केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 14,903 करोड़ रुपये के बजट के साथ डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के विस्तार को मंजूरी दी। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने योजना के बारे में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के विस्तार को मंजूरी दी गई है। इस पर 14,903 करोड़ रुपये का खर्च होगा।मंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया विस्तार के तहत इसके अंतर्गत पूर्व में किये गये कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
डिजिटल इंडिया को विस्तार
5.25 लाख आईटी पेशेवरों को फायदा
उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के तहत 5.25 लाख आईटी पेशेवरों को नई प्रौद्योगिकी के हिसाब से फिर से हुनरमंद बनाया जाएगा। साथ 2.65 लाख लोगों को सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाएगा।विस्तारित डिजिटल इंडिया परियोजना के तहत, राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (एनसीएम) के तहत नौ और सुपर कंप्यूटर जोड़े जाएंगे।मंत्री ने कहा कि एनसीएम के तहत 18 सुपर कंप्यूटर पहले ही स्थापित किये जा चुके हैं।
5 जी पर निवेश के बाद भी कंपनियां नहीं बढ़ाएंगी टैरिफ
दूरसंचार सेवा उद्योग की राजस्व वृद्धि चालू वित्त वर्ष (2023-24) में कम यानी सात से नौ प्रतिशत रहने की उम्मीद है। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने यह अनुमान लगाया है।इक्रा ने कहा कि निकट भविष्य में शुल्क दरों में वृद्धि की संभावना नहीं है जिससे दूरसंचार कंपनियों की प्रति ग्राहक औसत कमाई (एआरपीयू) स्थिर रहेगी।इसके साथ ही रेटिंग एजेंसी ने कहा कि 5जी नेटवर्क लगाने के लिए दूरसंचार कंपनियों को बड़ी मात्रा में फाइबर लगाना होगा। इससे मध्यम अवधि में दूरसंचार कंपनियों का खर्च बढ़ेगा।
इक्रा ने कहा कि उद्योग अपने 5जी के लिये पूंजीगत व्यय तय समय से जल्दी कर रहा है। इससे 2023-24 में उद्योग का खर्च करीब 70,000 करोड़ रुपये रहेगा। अगले चार से पांच साल में उद्योग करीब तीन लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा।रेटिंग एजेंसी ने कहा कि इन वजहों से दूरसंचार कंपनियों का कर्ज मार्च, 2024 में ऊंचे स्तर 6.1 से 6.2 लाख करोड़ रुपये के बीच रहेगा। 31 मार्च, 2023 को यह 6.3 लाख करोड़ रुपये था।इक्रा ने बयान में कहा कि दूरसंचार कंपनियों की राजस्व वृद्धि चालू वित्त वर्ष में कम यानी सात से नौ प्रतिशत रहेगी।
