Gold On EMI: क्या ईएमआई पर सोना खरीदना समझदारी है? कैलकुलेशन से समझिये फायदा है या नुकसान

Gold On EMI: सोना खरीदना सुरक्षित है, पर ईएमआई या कर्ज लेकर सोना खरीदना फायदेमंद है या नुकसान सौदा। आइए कैलकुलेशन के जरिये समझते हैं।

Gold On EMI : हाल के समय में सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। भारत में सोने को हमेशा से ही एक सुरक्षित निवेश, संकट के समय का साथी और पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने का एक बेहतरीन जरिया माना जाता रहा है। लंबे समय में सोने ने शानदार रिटर्न भी दिए हैं, जिसके कारण आज भी यह निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय है। हालांकि, कीमतें आसमान छूने के कारण एकमुश्त बड़ी मात्रा में सोना खरीदना आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। इसी समस्या के समाधान के रूप में कई लोग अब ईएमआई (EMI) पर सोना खरीदने या कर्ज लेकर निवेश करने का विकल्प चुन रहे हैं। लेकिन क्या कर्ज लेकर सोना खरीदना वाकई एक समझदारी भरा वित्तीय कदम है? आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

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ईएमआई पर सोना खरीदना कितना समझदारी भरा फैसला?

ईएमआई पर सोना खरीदने का गणित और लागत

अगर आप कर्ज लेकर सोना खरीदते हैं, तो इसका वित्तीय बोझ कितना होता है, इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है। मान लीजिए कि आप 1,00,000 रुपये का सोना 10% सालाना ब्याज दर पर 5 साल के लिए ईएमआई पर खरीदते हैं। इस स्थिति में आपकी मासिक ईएमआई करीब 2124 रुपये होगी। पांच साल की अवधि पूरी होने तक आप कुल 127470 रुपये चुकाएंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि आप केवल 1 लाख रुपये का सोना खरीदने के लिए बैंक या वित्तीय संस्थान को 27470 रुपये अतिरिक्त ब्याज के रूप में दे रहे हैं। यानी आपका शुरुआती निवेश ही काफी महंगा पड़ जाता है।

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