Budget 2025 for NPS Expectation : सरकार नई टैक्स स्लैब को अधिक सुलभ बनाने के प्रयास में है। ताकि टैक्स छूट और कटौती के सीमित विकल्प के दायरे को बढ़ाया जा सके। वर्तमान में, नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के तहत धारा 80सीसीडी(1बी) में ₹50,000 तक के योगदान की छूट केवल पुराने टैक्स स्लैब में मिलती है। यह सुविधा नए टैक्स स्लैब में नहीं है।
एनपीएस निवेश पर बड़ी राहत की उम्मीद, बजट 2025 में मिल सकता है ₹50,000 का फायदा
नए टैक्स स्लैब को अधिक आकर्षक बनाने की कोशिश
एनालिस्ट का मानना है कि नए टैक्स व्यवस्था में धारा 80सीसीडी(1बी) के तहत एनपीएस योगदान पर ₹50,000 की छूट शामिल करने से इसे अधिक प्रभावी और करदाताओं के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है। इस बदलाव से अधिक लोग पुराना टैक्स स्लैब छोड़कर नए स्लैब को अपनाने के लिए आगे आ सकते हैं।
क्या बजट 2025 में होगा यह बदलाव?
विशेषज्ञों का कहना है कि बजट 2025 में एनपीएस योगदान पर ₹50,000 की छूट को शामिल करने की अच्छी संभावना है। यह कदम न केवल नई कर व्यवस्था को अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनाएगा, बल्कि सरकार की सेवानिवृत्ति योजना को बढ़ावा देने की दिशा में भी योगदान देगा।
2024 बजट में हुई थीं कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं
पिछले बजट में, प्राइवेट सेक्टर के एप्लॉयर के लिए एनपीएस योगदान पर टैक्स छूट को 10% से बढ़ाकर 14% किया गया था। हालांकि, यह बेनिफ्ट केवल उन टैक्सपेयर्स को दी गई, जिन्होंने नए टैक्स स्लैब को अपनाया था। एनालिस्ट के मुताबिक, यह बदलाव दिखाता है कि सरकार नए टैक्स स्लैब को अधिक आकर्षक बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
विशेषज्ञों की राय: एनपीएस छूट पर क्या होगा?
ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक किनजल भुटा, सचिव, बॉम्बे चार्टर्ड एकाउंटेंट्स' सोसाइटी (BCAS) के मुताबकि "सरकार नई कर व्यवस्था को धीरे-धीरे लोकप्रिय बनाने के लिए कदम उठा रही है। एनपीएस छूट को शामिल करना नई व्यवस्था को अधिक कर-कुशल और आकर्षक बनाने में मदद करेगा।"
योगेश काले, कार्यकारी निदेशक, नंगिया एंडरसन एलएलपी के मुताबिक "नए टैक्स स्लैब को सरल और आम करदाता के लिए आसान बनाने के लिए पेश किया गया था। ₹50,000 की अतिरिक्त छूट जोड़ने से यह और अधिक लाभदायक हो सकता है।"
मिहिर टन्ना, एसोसिएट डायरेक्टर, एस.के. पटोदिया एलएलपी के मुताबिक "सरलता और अनुपालन को ध्यान में रखते हुए नई कर व्यवस्था को पेश किया गया था। एनपीएस पर छूट जोड़ने से सरकार के इस उद्देश्य को और बढ़ावा मिलेगा।"
यीशु सहगल, प्रमुख, कर बाजार, एकेएम ग्लोबल के मुताबिक"लोग अब सेवानिवृत्ति की योजना को लेकर अधिक जागरूक हो रहे हैं। यह कदम नई पीढ़ी को लक्षित करने और नई कर व्यवस्था को आकर्षक बनाने में मदद करेगा।"
