Budget 2025 Expectations Income Tax: केंद्रीय बजट 2025-26 को पेश किए जाने में अब बहुत अधिक दिन नहीं बचे हैं। उससे पहले भारत में टैक्स सिस्टम को सरल बनाने के तरीकों की मांग जोर पकड़ रही है। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) समेत उद्योग जगत के लीडर्स ने टैक्स कम्प्लायंस को आसान बनाने और बिजनेसों और लोगों के लिए नियमों को कम करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ अपने सुझाव साझा किए हैं।
TDS-TCS को बनाया जाए आसान
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TDS और TCS पर सिफारिशें
फिक्की की प्रमुख सिफारिशों में से एक TDS और TCS सिस्टम को सरल बनाना है। प्रस्ताव में कई टीडीएस और टीसीएस दरों को घटाकर सिर्फ़ दो या तीन स्तरों तक सीमित करना शामिल है, जिससे टैक्स क्लासिफिकेशंस और विवादों को लेकर कंफ्यूजन कम करने में मदद मिल सकती है।
फॉर्म 16A हो खत्म
इसके अलावा विशेषज्ञों ने फॉर्म 16A को समाप्त करने का सुझाव दिया है क्योंकि जरूरी TDS डिटेल पहले से ही फॉर्म 26AS और वार्षिक सूचना विवरण (AIS) में उपलब्ध होती है। यह कदम बिजनेसों और व्यक्तियों के लिए कम्प्लायंस को आसान बना सकता है।
डबल टैक्सेशन के मामले कम होंगे
सरकार ने पहले भी टैक्स स्ट्रक्चर को आसान बनाने की दिशा में कुछ कदम उठाए हैं। बजट 2024 में 50,000 रुपये से अधिक के किराए पर टीडीएस की दर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई। इसके अलावा 50 लाख रुपये से अधिक की प्रॉपर्टी के खरीदारों को अब केवल इस लिमिट से अधिक वैल्यू पर ही टीडीएस काटना होगा, जिससे प्रोसेस सरल हो जाएगी, फिर चाहे विक्रेताओं की संख्या कितनी भी हो।
एक अन्य बदलाव ने माता-पिता को नाबालिग बच्चों की इनकम से मिले टीसीएस का दावा करने की सुविधा दी, जिससे यह सिस्टम परिवार के ज्यादा अनुकूल हो गया। अक्टूबर 2024 से, एम्प्लॉयर्स को सैलरी पर टैक्स की कैलकुलेशन करते समय नॉन-सैलरी इनकम पर टीडीएस/टीसीएस कटौती पर विचार करना आवश्यक है, जिससे डबल टैक्सेशन के मामले कम होंगे।
