नई दिल्ली। आगामी वित्त वर्ष यानी 2023-24 के लिए देश का बजट (Budget 2023) पेश होने में बस कुछ ही दिनों का समय रह गया है। हर साल 1 फरवरी को सरकार की ओर से संसद में देश का बजट पेश किया जाता है, लेकिन इस बार के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) कुछ ऐसा कर सकती है जो आज से पहले कभी नहीं हुआ। कहा जा रहा है कि इसको लेकर जोरों से तैयारियां चल रही हैं। आइए जानते हैं कि इस बार क्या खास होगा।
Budget 2023: क्या इस साल वित्त मंत्री करेंगी कुछ ऐसा, जो आज तक इतिहास में कभी नहीं हुआ?
बदल सकता है बजट का एड्रेस
संसद के आगामी बजट सत्र के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को नए संसद भवन (New Sansad Bhavan) में केंद्रीय बजट 2023-24 पेश कर सकती हैं। इस साल का बजट पेश करने की तैयारी जोरों पर चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, नए संसद भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और जनवरी के अंत तक इसके तैयार हो जाने की उम्मीद है।
अंतिम फैसला लेना अभी बाकी
इसलिए नए संसद भवन में होने वाले आगामी बजट सत्र की तैयारी भी शुरू हो गई है। हालांकि इस पर अभी अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है, लेकिन लोकसभा सचिवालय ने नए संसद भवन में प्रवेश के लिए विभिन्न दलों के सांसदों के लिए नए पहचानपत्र बनाने शुरू कर दिए हैं। बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा और 14 फरवरी से 12 मार्च के बीच ब्रेक के साथ 6 अप्रैल तक चलने की संभावना है।
The New Parliament House is ready!The President Draupadi Murmu will address the Joint Session from New Lok Sabha… t.co/TUXtiZ2j4X
— ANI (@ANI) Jan 19, 2023
द्रौपदी मुर्मू करेंगी संबोधित
परंपरा के अनुसार, बजट सत्र के पहले दिन 31 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। 1 फरवरी को सीतारमण वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश करेंगी। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति के अभिभाषण और केंद्रीय बजट दोनों को संसद भवन की नई बिल्डिंग में रखने की कोशिश की जा रही है। जरूरत पड़ने पर नए सदन की शेष दिनों की कार्यवाही पुराने संसद भवन में संचालित की जा सकती है।
सूत्रों ने कहा कि मौजूदा और नए संसद भवन के बीच की बाड़ को हटा दिया गया है। नए संसद भवन की बाहरी साज-सज्जा का काम शुरू हो चुका है और अगर कोई तकनीकी दिक्कत नहीं आती है तो इस बार के बजट सत्र की शुरुआत नए संसद भवन से की जा सकती है। यदि किसी तकनीकी खराबी के कारण यह संभव नहीं हो पाता है तो बजट सत्र का दूसरा चरण नए संसद भवन में कराने का प्रयास किया जाएगा।
(एजेंसी इनपुट्स के साथ)
