Union Budget 2023-24 Income Tax Slabs and Rates Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज आम बजट पेश करने जा रही हैं। बजट में आम आदमी को सबसे ज्यादा जिस चीज का इंतजार रहता है, वह इनकम टैक्स पर वित्त मंत्री का ऐलान होता है। पिछले 5 साल से देखा जाय तो टैक्स रिजीम चेंज करने के अलावा करदाता को इनकम टैक्स में कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। आखिरी बार साल 2017-18 में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया था। ऐसे में इस बार वित्त मंत्री से बड़ी राहत की उम्मीद करदाता कर रहा है। वहीं नए टैक्स रिजीम में 10 फीसदी का स्लैब साल 2020 में जोड़ा गया। लेकिन ज्यादातर करदाता को नया रिजीम रास नहीं आया। ऐसे में उसे टैक्स रेट पर राहत नहीं मिली।
महंगाई बढ़ी डेढ़ गुना
साल 2017-18 के लिए जब इनकम टैक्स में बदलाव किए गए थे। तो उस समय से आम आदमी को करीब डेढ़ गुना तक महंगाई का सामना करना पड़ा है। ऐसे में एक्सपर्ट से लेकर करदाता इस बात की उम्मीद कर रहे हैं, महंगाई को देखते हुए वित्त मंत्री इनकम टैक्स पर राहत देकर उनकी जेब का बोझ कम करें। अप्रैल 2018 में रिटेल महंगाई दर 4.28 फीसदी थी। जो कि अक्टूबर 2022 से पहले 7 फीसदी से ऊपर फरवरी 2022 से रही है। इस दौरान अप्रैल में तो यह 7.8 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई थी। इसमें भी खाने-पीने की कीमतों ने आम आदमी को कहीं ज्यादा परेशान किया है। जिसका सीधा असर उसकी बचत और खर्च पर हुआ है।
अभी इतना देना पड़ता है इनकम टैक्स
| इनकम लेवल (स्लैब) | पुराना टैक्स रेट रिजीम | नया टैक्स रेट रिजीम |
| 2,50,000 रुपये तक | 0% | 0% |
| 2,50,001 रुपये से 5,00,000 रुपये तक | 5% | 5% |
| 5,00,001 से 7,50,000 रुपये तक | 20% | 10% |
| 7,50,001 रुपये से 10,00,000 | 20% | 15% |
| 10,00,001 रुपये से 12,50,000 | 30% | 20% |
| 12,50,001 | 30% | 25% |
| 15,00,000 | 30% | 30% |
टैक्स बचाने के लिए मिले ज्यादा विकल्प
वित्त मंत्री से आम करदाता न केवल टैक्स छूट की उम्मीद कर रहा है, बल्कि उसकी यह भी मांग की है कि उसके पास टैक्स बचाने के लिए ज्यादा विकल्प मौजूद हो। इसके तहत वित्त मंत्री से 80 सी के तहत मौजूदा 1.50 लाख रुपये तक की टैक्स छूट में इजाफा करने के साथ ही 80 डी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर मिलने वाली छूट को बढ़ाने की उम्मीद है।
साथ ही पिछले एक साल में होम लोन लगातार महंगा हुआ है। ऐसे में बढ़ती ईएमआई और ब्याज का बोझ बढ़ा है। इस समय होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की छूट है। करीब 2 फीसदी ब्याज दरों को बढ़े बोझ को देखते हुए ब्याज पर लिमिट बढ़ाने की उम्मीद है। अगर वित्त मंत्री ऐसा करती हैं तो करदाता की जेब को बड़ी राहत मिलेगी।
