Budget 2023: क्या हैं Saptarishi सूत्र से लेकर PM Pranam और Mishti के मायने, जो Economy को देंगे रफ्तार?

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Feb 1, 2023, 03:32 PM IST

Budget 2023 Smart Abbreviations by Finance Minister Nirmala Sitharaman in Hindi: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश करने के लिए बही-खाते के समान पारंपरिक लाल रंग के बैग में टैबलेट (बीते दो वर्षों की तरह) लेकर संसद भवन पहुंचीं।

Budget 2023 Smart Abbreviations by Finance Minister Nirmala Sitharaman in Hindi: आम बजट 2023 पेश करने के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के उस प्लान या सूत्र का जिक्र भी किया, जिसके जरिए भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार दी जा सकती है। उन्होंने इसके साथ ही अपनी स्पीच में बुधवार (एक फरवरी, 2023) को कुछ खास शब्दों का इस्तेमाल भी किया। आइए, जानते हैं कि इन शब्दों क्या मायने हैं:

Saptrishi

बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने यूनियन बजट के सात आधार भी बताए। कहा कि इस बजट के सात लक्ष्य हैं, जिन्हें सप्तर्षि नाम दिया गया है। ये इस प्रकार हैंः 1- समावेशी विकास, 2- वंचितों को वरीयता, 3- बुनियादी ढांचे और निवेश, 4- क्षमता विस्तार 5- हरित विकास, 6- युवा शक्ति और 7- वित्तीय क्षेत्र।

PM Pranam

पीएम-प्रणाम का मतलब प्रधानमंत्री-वैकल्पिक पोषक तत्वों को बढ़ावा देने की कृषि प्रबंधन योजना से है। यह वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने के मकसद से सूबों को प्रोत्साहित करने के लिए स्कीम है। सीतारमण ने कहा कि इसे पेश किया जाएगा और इस कदम से राज्यों को उर्वरकों का इस्तेमाल कम करने में प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।

Mishti

वित्त मंत्री ने बजट स्पीच में मिष्टी योजना का भी जिक्र छेड़ा। यह स्कीम तटवर्ती क्षेत्रों में मैंग्रोव के वनों के संरक्षण से संबंधित है।

मोदी सरकार ने कर दिया था यह बदलाव

वित्त वर्ष 2023-24 के लिए यह बजट मोदी सरकार का लगातार 11वां आम बजट है, जिसमें 2019 आम चुनाव से पहले पेश किया गया एक अंतरिम बजट भी है। मोदी सरकार के 2014 में सत्ता में आने के बाद से बजट पेश करने की तारीख को 28 फरवरी से बदलकर एक फरवरी कर दिया गया था। इसे अब हर साल एक फरवरी को सुबह 11 बजे संसद में पेश किया जाता है।

लगातार 5 बजट पेश करने वालीं हैं पांचवीं मंत्री

रोचक बात है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आजाद भारत में लगातार पांच बजट पेश करने वालीं पांचवीं मंत्री हैं। उनके अलावा लगातार पांच बजट और बजट भाषण देने वाले नेताओं में अरुण जेटली, पी. चिदंबरम यशवंत सिन्हा, मनमोहन सिंह और मोरारजी देसाई हैं।

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