बजट 2023 में राजकोषीय घाटे का क्या लक्ष्य रखेगी सरकार? जानिए क्या है ये

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 18, 2023, 05:40 PM IST

Budget 2023: देश अब कोरोना वायरस महामारी से लगभग उबर चुका है। उद्योग जगत की निगाहें अगले महीने की पहली तारीख को पेश होने वाले बजट पर टिकी हैं।

नई दिल्ली। 1 फरवरी 2023 को आगामी वित्त वर्ष के लिए देश का बजट पेश होगा। इस बार का बजट आम और खास के लिए अहम है। बजट में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य भी रखा जाता है। राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) उस रकम को कहा जाता है जो सरकार की कुल कमाई और खर्च के बीच का अंतर होता है। इस अंतर को पूरा करने के लिए सरकार कर्ज लेती है। अगर यह बढ़ता है को अर्थव्यवस्था के लिए चिंता की बात होती है।

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बजट 2023 में राजकोषीय घाटे का क्या लक्ष्य रखेगी सरकार?

क्या फैसला लेगी सरकार?

विश्लेषकों ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) आगामी बजट (Budget 2023) में राजकोषीय मजबूती की दिशा में बढ़ना जारी रखेंगी और राजकोषीय घाटे को जीडीपी (GDP) के 5.8 प्रतिशत पर रखने की कोशिश करेंगी। विश्लेषकों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में राजकोषीय घाटे को 5.8 प्रतिशत से लेकर छह प्रतिशत के दायरे में रखा जा सकता है। चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 6.4 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य रखा है।

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