मैच्योरिटी से पहले तोड़ रहे हैं FD? बैंक वसूलेगा इतना पेनल्टी!

किसी इमरजेंसी या अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर एफडी (Fixed Deposit) बंद कराना एक आम बात है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मैच्योरिटी से पहले एफडी तोड़ने पर बैंक पेनल्टी चार्ज और ब्याज में भारी कटौती करते हैं?

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को भारत में सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्पों में से एक माना जाता है, जहाँ लोग अपने गाढ़े पसीने की कमाई को निश्चित रिटर्न पाने के लिए जमा करते हैं। हालांकि, जीवन में कई बार ऐसी आपातकालीन स्थितियां आ जाती हैं, जब हमें अपनी बचत को समय से पहले निकालना पड़ता है। इसे बैंकिंग भाषा में 'प्री-मैच्योर विड्रॉल' (Premature Withdrawal) कहा जाता है। अक्सर देखा गया है कि लोग बिना सोचे-समझे एफडी बंद करवा लेते हैं, लेकिन ऐसा करने से पहले बैंक द्वारा लगाए जाने वाले पेनल्टी चार्जेस (Penalty Charges) और ब्याज दरों (Interest Rates) में कटौती के नियमों को समझ लेना बेहद जरूरी है, वरना आपको बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है।

Fixed Deposit

मैच्योरिटी से पहले तोड़ रहे हैं FD?

कितनी लगती है पेनल्टी?

जब आप अपनी एफडी को उसकी तय मैच्योरिटी अवधि से पहले बंद करते हैं, तो बैंक आमतौर पर दो तरह से कटौती करते हैं। पहला है पेनल्टी चार्ज, जो ज्यादातर बैंकों में 0.50 प्रतिशत से लेकर 1 प्रतिशत तक होता है। यह पेनल्टी आपके मिलने वाले कुल ब्याज दर पर लागू होती है। उदाहरण के लिए, यदि आपने 7% की ब्याज दर पर एफडी कराई थी और बैंक की पेनल्टी 1% है, तो आपको केवल 6% की दर से ही ब्याज मिलेगा। यह नियम देश के सभी प्रमुख सरकारी और निजी बैंकों जैसे एसबीआई (SBI), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) पर लागू होता है, हालांकि अलग-अलग बैंकों के पेनल्टी स्लैब में थोड़ा अंतर हो सकता है।

End of Feed