Old Monk नहीं रहा रम! FSSAI की सख्ती से बदला लेबल

Old Monk अब रम नहीं रहेगी। कंपनी ने कोर्ट को बताया कि वह अपने लेबल से ‘7 years old blended’ वाली लाइन हटा देगी। इसी के साथ कंपनी ने लेबल को भी बदलाव के साथ पेश किया है।

लोकप्रिय शराब ब्रांड Old Monk को लेकर खाद्य नियामक FSSAI और कंपनी के बीच विवाद अब बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। FSSAI ने कोर्ट में कहा है कि कुछ Old Monk वेरिएंट को केवल रम के नाम से नहीं बेचा जा सकता, क्योंकि नियामक के मुताबिक यह प्रोडक्ट न्यूट्रल स्पिरिट और रम फ्लेवरिंग का इस्तेमाल कर तैयार किया जाता है। ऐसे में इसे Rum-Flavoured Spirit के तौर पर पेश किया जाना चाहिए। FSSAI की यह आपत्ति सिर्फ लेबल पर लिखी जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रोडक्ट की प्रकृति और उसमें इस्तेमाल होने वाले फ्लेवरिंग एजेंट से भी जुड़ी है।

Old Monk

Old Monk नहीं रहा रम!

रम में मिले आर्टिफिशियल फ्लेवरिंग पदार्थ

इस पूरे मामले की शुरुआत FSSAI की ओर से की गई लैब जांच से हुई। नियामक के मुताबिक जांच में कुछ प्रोडक्ट में बाहरी आर्टिफिशियल या नेचर-आइडेंटिकल फ्लेवरिंग पदार्थ पाए गए। FSSAI का कहना है कि ये पदार्थ प्रोडक्ट की प्राकृतिक विशेषताओं को छिपा सकते हैं। इसके बाद नियामक ने कुछ शराब उत्पादों की बिक्री पर रोक या प्रतिबंध लगाया। इनमें Mohan Rocky Springwater के कुछ Old Monk वेरिएंट भी शामिल थे। इसी तरह United Spirits के कुछ रम और व्हिस्की ब्रांड तथा Inbrew Beverages के कुछ प्रोडक्ट भी FSSAI की कार्रवाई के दायरे में आए।

End of Feed