भारत में टोल सिस्टम तेजी से बदल रहा है और अब National Highways Authority of India (NHAI) द्वारा बैरियर-लेस टोल यानी Multi-Lane Free Flow सिस्टम लागू किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था में टोल प्लाजा पर गाड़ियां बिना रुके गुजरती हैं और FASTag के जरिए ऑटोमैटिक भुगतान हो जाता है। लेकिन अगर आपने समय पर टोल नहीं चुकाया तो क्या होगा? आपके जेहन में भी यही सवाल आ रहा होगा। आपके इसी सवाल का जवाब इस आर्टिकल में देने की कोशिश कर रहे हैं-
NHAI Barrier Less Toll (Photo: iStock)
देना पड़ सकता है दोगुना शुल्क
NHAI Barrier Less Toll (Photo: X handle/@NHAI_Official)
अगर आप समय पर टोल का भुगतान नहीं करते हैं तो आपको दोगुना शुल्क देना पड़ सकता है। दरअसल, इस नए सिस्टम का उद्देश्य ट्रैफिक जाम कम करना और सफर को तेज बनाना है। MLFF तकनीक में कैमरे और सेंसर लगे होते हैं, जो वाहन का नंबर प्लेट और FASTag स्कैन कर टोल अपने आप काट लेते हैं। इससे टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत खत्म हो जाती है और यात्रा ज्यादा स्मूद हो जाती है। हालांकि, इस सुविधा के साथ कुछ नियम भी जुड़े हैं। अगर किसी कारण से FASTag से भुगतान नहीं हो पाता जैसे बैलेंस कम होना, टैग खराब होना या सिस्टम द्वारा डिटेक्ट न होना तो वाहन मालिक को एक ई-नोटिस (e-Notice) जारी किया जाएगा। यह नोटिस इस बात की सूचना देगा कि आपका टोल भुगतान पेंडिंग है।
यहां सबसे जरूरी बात यह है कि आपको इस ई-नोटिस के जारी होने के बाद 72 घंटे के अंदर भुगतान करना होता है। अगर आप इस समय सीमा के भीतर भुगतान कर देते हैं, तो आपको केवल सामान्य टोल शुल्क ही देना होगा। लेकिन अगर 72 घंटे के बाद भुगतान किया जाता है, तो आपसे दोगुना टोल चार्ज लिया जाएगा।
सिस्टम में बनी रहेगी पारदर्शिता
सरकार ने यह नियम इसलिए लागू किया है ताकि लोग समय पर टोल भुगतान करें और सिस्टम में पारदर्शिता बनी रहे। बैरियर-लेस सिस्टम पूरी तरह डिजिटल है, इसलिए इसमें मानव हस्तक्षेप नहीं होता और भुगतान की जिम्मेदारी पूरी तरह वाहन मालिक पर होती है। बैरियर-लेस टोल सिस्टम भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो सफर को तेज और आसान बनाता है।
हालांकि, डबल चार्ज से बचने के लिए जरूरी है कि आप कुछ बेसिक बातों का ध्यान रखें। सबसे पहले, आपका FASTag हमेशा एक्टिव होना चाहिए और उसमें पर्याप्त बैलेंस बना रहना चाहिए, ताकि टोल अपने आप कट सके। इसके अलावा, वाहन में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगी होनी चाहिए, जिससे कैमरे सही तरीके से नंबर प्लेट को पहचान सकें। साथ ही, अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले मैसेज या नोटिफिकेशन को नियमित रूप से चेक करते रहें, ताकि किसी भी पेंडिंग पेमेंट की जानकारी समय पर मिल सके और आप 72 घंटे के अंदर भुगतान करके अतिरिक्त चार्ज से बच सकें।
