बैंक खाताधारक से पहले नॉमिनी की मौत होने पर क्या होता है? जानें नियमों और प्रक्रिया

Bank Nomination Rules: बैंक खाताधारक से पहले नॉमिनी की मौत होने पर क्रमिक नॉमिनी या बाकी जीवित नॉमिनी प्रभावी होते हैं। बिना नॉमिनी वाले हिस्से का निपटारा आरबीआई के नियमानुसार खाताधारक के कानूनी उत्तराधिकारियों द्वारा किया जाता है।

Bank Nomination Rules : बैंक खाते में नॉमिनी (नामांकित व्यक्ति) बनाना इसलिए बेहद जरूरी माना जाता है ताकि खाताधारक की मौत के बाद जमा राशि को उसके परिवार या कानूनी उत्तराधिकारियों तक बिना किसी कानूनी अड़चन और देरी के पहुंचाया जा सके। नॉमिनी की मौजूदगी से बैंक को पैसे जारी करने में आसानी होती है। लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि अगर बैंक खाताधारक से पहले ही नॉमिनी की मौत हो जाए, तो खाते में जमा पैसे का क्या होता है? ऐसी स्थिति में धनराशि का निपटारा कैसे किया जाता है और इसके क्या कानूनी व तकनीकी पहलू हैं?

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बैंक खाताधारक से पहले नॉमिनी की मौत? जानें आपके पैसे का क्या होगा और किसे मिलेगा हक!

नॉमिनेशन के नए नियम और नॉमिनी के प्रकार

बैंकिंग कानून (संशोधन) एक्ट 2025 और बैंकिंग कंपनी (नॉमिनेशन) नियम 2025 के अनुसार बैंक ग्राहक अपने जमा खाते के लिए अधिकतम चार व्यक्तियों को नॉमिनी बना सकते हैं। नए नियमों के तहत नॉमिनेशन मुख्य रूप से दो प्रकार का हो सकता है। पहला 'क्रमिक' (Successive Nomination) और दूसरा 'एकसाथ' (Simultaneous Nomination)। क्रमिक नॉमिनेशन में नॉमिनी को एक तय क्रम या प्राथमिकता दी जाती है, जबकि एकसाथ नॉमिनेशन में प्रत्येक नॉमिनी को राशि का एक निश्चित प्रतिशत सौंपा जाता है।

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